Dhamtari Online Satta Case: आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर धमतरी पुलिस का बड़ा एक्शन, रायपुर कनेक्शन समेत दो और गिरफ्तार

धमतरी।
मोबाइल की स्क्रीन पर चल रहा करोड़ों के दांव का खेल अब कानून के शिकंजे में आता नजर आ रहा है। Dhamtari Online Satta Case में धमतरी पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि आईपीएल सट्टेबाजी के इस डिजिटल नेटवर्क की परतें एक-एक कर खुल रही हैं।
Dhamtari Online Satta Case: सट्टे के नेटवर्क की नई कड़ियां आईं सामने
पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में अवैध जुआ, ऑनलाइन सट्टा और साइबर माध्यम से संचालित गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिटी कोतवाली को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
पहले प्रकरण में अपराध क्रमांक 107/2026 की जांच के दौरान तुषार यादव उर्फ सुजल (22 वर्ष) निवासी रिसाईपारा धमतरी की भूमिका सामने आई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इससे पहले इसी मामले में शंकर मंगलानी और मनमोहन पटेल उर्फ छोटू पटेल को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
Dhamtari Online Satta Case में रायपुर कनेक्शन भी उजागर
दूसरे मामले में अपराध क्रमांक 98/2026 की विवेचना के दौरान पहले से गिरफ्तार आरोपी आयुष वाधवानी से मिली जानकारी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अमित नेभानी (46 वर्ष) निवासी तेलीबांधा, रायपुर की संलिप्तता सामने आई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एक्सचेंज वेबसाइटों के माध्यम से आईपीएल और अन्य क्रिकेट मुकाबलों में हार-जीत पर दांव लगवाकर अवैध सट्टा कारोबार संचालित कर रहे थे।
अब Dhamtari Online Satta Case नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की तैयारी
धमतरी पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जांच एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, डिजिटल लेन-देन, बैंक खातों और तकनीकी कनेक्शनों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ धमतरी पुलिस की लगातार कार्रवाई से साफ है कि कानून से बचने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेने वाले अब ज्यादा दिनों तक पुलिस की नजरों से नहीं बच पाएंगे।
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