Dhamtari Police Action: धमतरी में संदिग्ध मांस कारोबार का भंडाफोड़, 88 किलो मांस जब्त, फरार आरोपी कुछ घंटों में गिरफ्तार

धमतरी। शहर के साल्हेवारपारा क्षेत्र में संचालित संदिग्ध मांस कारोबार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 88 किलो से अधिक संदिग्ध मांस, पशु वध में प्रयुक्त धारदार हथियार और अन्य सामग्री जब्त की है। छापेमारी के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन Dhamtari Police Action घेराबंदी और लगातार खोजबीन के बाद उसे कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के साल्हेवारपारा स्थित गाड़ापारा इलाके में अवैध रूप से पशु वध कर मांस की बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला, लेकिन टीम ने मौके को सुरक्षित करते हुए विस्तृत तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान पुलिस को प्लास्टिक की बोरियों और कट्टों में भरा हुआ 88.340 किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा मांस काटने में उपयोग किए जाने वाले चार धारदार लोहे के सत्तू (चापड़), एक लकड़ी का गुटका तथा प्लास्टिक त्रिपाल भी जब्त किए गए।
मौके से फरार हुआ तस्कर, पुलिस की सघन तलाश में आया गिरफ्त में
स्थानीय सूचना तंत्र और घेराबंदी ने नाकाम की आरोपी की भागने की कोशिश
प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा, लेकिन कोतवाली पुलिस ने लगातार दबिश और घेराबंदी जारी रखी। स्थानीय सूचना तंत्र और तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस ने क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाया। इसके बाद संतराम बघेल (43 वर्ष), निवासी साल्हेवारपारा, धमतरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए। साथ ही अवैध कारोबार से संबंधित 300 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
H2: गैर-जमानती धाराओं में दर्ज हुआ मामला, आरोपी भेजा गया जेल
BNS और छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 एवं 325 तथा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध पशु वध, मांस तस्करी और कानून-विरुद्ध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी तथा इस कारोबार से जुड़े अन्य संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।





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