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धमतरी मर्डर मिस्ट्री: 'सीने में दर्द' का बहाना और काली रस्सी का खौफनाक सच; ऐसे खुला कत्ल का राज



धमतरी मर्डर मिस्ट्री आरोपी चन्द्रशेखर यादव और पुलिस टीम ग्राम हरदी

धमतरी (छत्तीसगढ़):

क्या कोई मां अपने बेटे के गुनाह को छुपाने के लिए मौत की झूठी कहानी रच सकती है? छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम हरदी में एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संतान की चाहत में शुरू हुआ विवाद एक नवविवाहिता की जान ले बैठा, और जिसे 'कुदरती मौत' बताया जा रहा था, उसके पीछे की हकीकत बेहद खौफनाक निकली।"इस धमतरी मर्डर मिस्ट्री ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। धमतरी पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना ने यह साबित कर दिया कि तकनीक और सूझबूझ से किसी भी अंधे कत्ल का खुलासा किया जा सकता है।"

धमतरी मर्डर मिस्ट्री: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने ऐसे बिगाड़ा 'कुदरती मौत' का खेल

जब 30 मार्च 2026 को हरदी गांव में नवविवाहिता की मौत हुई, तो ससुराल वालों ने इसे 'सीने का दर्द' बताकर सामान्य दिखाने की पूरी कोशिश की। अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच चौकी करेलीबड़ी पुलिस की सजगता ने खेल बिगाड़ दिया। पुलिस की पैनी नजरों से मृतिका के गले पर बने निशान छुप नहीं सके।

वैज्ञानिक विवेचना और फॉरेंसिक साक्ष्य

जैसे ही मामला संदिग्ध लगा, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और FSL टीम को मौके पर बुलाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब 'दम घुटने' (Asphyxia) और मौत की प्रकृति 'हॉमीसाइडल' (हत्या) पाई गई, तब पुलिस का शक यकीन में बदल गया कि यह नेचुरल डेथ नहीं, बल्कि कोल्ड-ब्लडेड मर्डर है।

साक्ष्य: वह 'काली रस्सी' और दो आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के सामने आरोपी पति चन्द्रशेखर यादव (26 वर्ष) ज्यादा देर टिक नहीं पाया। उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए वह खौफनाक दास्तां सुनाई जो किसी का भी दिल दहला दे।

विवाद की वजह और कत्ल का तरीका

संतान सुख की कमी: जांच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच संतान न होने को लेकर अक्सर झगड़ा होता था।

आरोपी का इकबालिया बयान: घटना के दिन भी इसी बात पर विवाद हुआ, जिसके बाद चन्द्रशेखर ने गुस्से में आकर घर में रखी काली नोई रस्सी से अपनी पत्नी का गला घोंट दिया।

सास की साजिश: इस पूरी साजिश में पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य छुपाने के आरोप में आरोपी की मां रिना बाई यादव (46 वर्ष) को भी पुलिस ने सह-आरोपी बनाया है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पहली बड़ी कार्रवाई

धमतरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 48 घंटे में सुलझा लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा है:

अपराध क्रमांक: 51/2026

धाराएं: 103(1) (हत्या) और 238(क) (साक्ष्य छुपाना) भारतीय न्याय संहिता (BNS)।

कार्रवाई: दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

"धमतरी पुलिस की इस प्रभावी कार्यवाही ने साफ कर दिया है कि कानून की नजरों से कोई भी अपराधी बच नहीं सकता, चाहे वह साजिश कितनी ही शातिर क्यों न हो।"

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