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कुरूद थाना प्रभारी की 18 माह में पांचवीं बार बदली कमान, अब कमलेश ठाकुर की एंट्री



कुरूद थाना प्रभारी कमलेश ठाकुर ने पदभार संभाला

तीन संभागों में पुलिसिंग का अनुभव, पहली बार रायपुर संभाग में कमलेश ठाकुर को कुरूद की कमान

कुरूद।

कुरूद थाना प्रभारी की कुर्सी एक बार फिर बदल गई है। बीते करीब 18 महीनों में पांचवीं बार कुरूद थाना प्रभारी का स्थानांतरण हुआ है। सोमवार को कमलेश ठाकुर ने कुरूद थाना प्रभारी का पदभार संभाल लिया। लगातार बदलती कमान के बीच अब क्षेत्र में एक सवाल चर्चा का विषय है—आखिर कुरूद थाना प्रभारी बार-बार क्यों बदले जा रहे हैं?

बीते करीब डेढ़ वर्ष में अरुण साहू, चंद्रकांत साहू, राजेश जगत, चंद्रकांत साहू और अवध राम साहू कुरूद थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इनमें चंद्रकांत साहू दो अलग-अलग कार्यकाल में कुरूद थाना प्रभारी रहे हैं। अब विभाग ने कमलेश ठाकुर को कुरूद थाने की कमान सौंपी है।

लगातार कम अंतराल में कुरूद थाना प्रभारी बदले जाने से क्षेत्र की पुलिसिंग को लेकर चर्चा तेज है। हालांकि, इन स्थानांतरणों के पीछे विभागीय कारण क्या रहे, इसकी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में बार-बार बदलाव की वजह क्या है, यह सवाल फिलहाल बना हुआ है।

कुरूद थाना प्रभारी कमलेश ठाकुर ने संभाली कमान

धमतरी जिले में आमद देने के बाद कुरूद थाना प्रभारी कमलेश ठाकुर को जिले के चर्चित थानों में शामिल कुरूद की जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले वे दंतेवाड़ा में पदस्थ थे।

पुलिस सेवा के दौरान कमलेश ठाकुर ने तीन संभागों में पुलिसिंग का अनुभव हासिल किया है। जशपुर से लेकर बस्तर क्षेत्र तक अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्हें पहली बार रायपुर संभाग में पुलिसिंग की कमान मिली है।

अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अनुभव रखने वाले कमलेश ठाकुर के सामने अब कुरूद थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने की चुनौती है।

पहली बार रायपुर संभाग में कुरूद थाना प्रभारी की जिम्मेदारी

कमलेश ठाकुर के लिए कुरूद की पोस्टिंग इसलिए भी अहम है, क्योंकि तीन संभागों में पुलिसिंग का अनुभव लेने के बाद यह पहली बार है जब वे रायपुर संभाग में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कुरूद जैसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्र में उनकी कार्यशैली और अपराध नियंत्रण को लेकर अब पुलिस विभाग के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर रहेगी।

कुरूद थाना प्रभारी का गांजा और नशाखोरी पर सख्त रुख

पदभार ग्रहण करने के बाद कुरूद थाना प्रभारी कमलेश ठाकुर ने क्षेत्र में गांजा, नशाखोरी और अन्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर स्पष्ट रुख जाहिर किया।

उन्होंने कुरूद एवं आसपास के क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों पर पुलिस की नजर रखने तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने की बात कही। उनके इस रुख से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में नशे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर विशेष जोर रह सकता है।

नशे के खिलाफ कार्रवाई होगी बड़ी चुनौती

कुरूद क्षेत्र में नशे और अवैध गतिविधियों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नए कुरूद थाना प्रभारी के सामने चुनौती केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की नहीं, बल्कि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की भी होगी।

18 माह में पांचवीं बार कुरूद थाना प्रभारी बदले, सवाल बरकरार

करीब 18 महीनों में पांचवीं बार कुरूद थाना प्रभारी बदले जाने के बाद अब नई जिम्मेदारी कमलेश ठाकुर के पास है।

क्या नए कुरूद थाना प्रभारी के कार्यकाल में पुलिसिंग को नई दिशा मिलेगी? क्या गांजा और नशाखोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई होगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस बार कुरूद थाना प्रभारी लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारी संभाल पाएंगे?

इन सवालों का जवाब आने वाला समय देगा। फिलहाल तीन संभागों में पुलिसिंग का अनुभव लेकर पहली बार रायपुर संभाग पहुंचे कमलेश ठाकुर के सामने कुरूद की नई चुनौती है।

बार-बार बदलती कमान के बीच कुरूद को नए थाना प्रभारी से कार्रवाई की उम्मीद है—अब पुराने सवालों के बीच नई पुलिसिंग का इंतजार है।

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