महानदी लुट रही, मासूम घुट रहे: रेत माफिया के बेलगाम हाइवा से धूल में घुट रही जिंदगी
- moolchand sinha

- 4 days ago
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कुरूद-दोनर मार्ग पर सड़क निर्माण के बीच ओवरलोड हाइवा का आतंक, स्कूली बच्चों से लेकर किसानों और राहगीरों तक हर कोई दहशत में।
महानदी की लूट, धूल का कहर और मौत की रफ्तार—कुरूद-दोनर मार्ग बना खतरे का गलियारा


कुरूद।
महानदी लुट रही, मासूम घुट रहे" अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि कुरूद से दोनर मार्ग की भयावह सच्चाई बन चुका है। महानदी का सीना चीरकर निकाली जा रही रेत और उसे ढोते ओवरलोड हाइवा सड़क निर्माण के बीच भी बेकाबू रफ्तार से दौड़ रहे हैं। उड़ती धूल ने पूरे मार्ग को धुंध में बदल दिया है, जहां हर दिन हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
महानदी लुट रही, मासूम घुट रहे — स्कूली बच्चों और कॉलेज विद्यार्थियों की सेहत पर मंडरा रहा गंभीर खतरा
केंद्रीय विद्यालय से आईटीआई तक, हर दिन खतरे के बीच सफर
सबसे अधिक प्रभावित वे छात्र-छात्राएं हैं जो प्रतिदिन केंद्रीय विद्यालय, कृषि महाविद्यालय, संत गुरु घासीदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आईटीआई सहित अन्य शिक्षण संस्थानों तक इसी मार्ग से पहुंचते हैं। धूल के घने गुबार में बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे आंखों में जलन, सांस संबंधी परेशानियां और दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
महानदी लुट रही, मासूम घुट रहे — किसान, व्यापारी और राहगीर भी झेल रहे रेत माफिया का कहर
कृषि उपज मंडी तक पहुंचना भी बन रहा जोखिम भरा सफर
इसी सड़क से प्रतिदिन कृषि उपज मंडी आने वाले किसान, फुटकर व्यवसायी, मजदूर और सैकड़ों ग्रामीण गुजरते हैं। सड़क निर्माण के कारण पहले से प्रभावित यातायात अब ओवरलोड हाइवा की तेज रफ्तार के कारण और अधिक खतरनाक हो गया है।
महानदी लुट रही, मासूम घुट रहे — सेलदीप, जोरातराई और दोनर में अवैध रेत परिवहन पर उठे बड़े सवाल
प्रतिबंध के बावजूद महानदी का सीना चीरकर निकाली जा रही रेत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेलदीप, जोरातराई और दोनर क्षेत्र में प्रतिबंध और नियमों की अनदेखी करते हुए महानदी से लगातार रेत निकाली जा रही है। ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से पर्यावरण और ग्रामीण जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
महानदी लुट रही, मासूम घुट रहे — ओवरलोड हाइवा पर कार्रवाई नहीं, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर जनता नाराज
नियमों की अनदेखी या संरक्षण? जवाब मांग रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि न तो ओवरलोडिंग पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है और न ही गति सीमा का पालन कराया जा रहा है। लगातार उड़ती धूल और तेज रफ्तार वाहनों ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
महानदी लुट रही, मासूम घुट रहे — आखिर कब जागेगा प्रशासन, कब मिलेगी लोगों को राहत?
पानी का छिड़काव, स्पीड कंट्रोल और सख्त कार्रवाई की उठी मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और खनिज विभाग से मांग की है कि ओवरलोड हाइवा पर तत्काल कार्रवाई हो, सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए, शिक्षण संस्थानों के आसपास गति सीमा लागू की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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ग्रामीणों की मांग—रेत माफिया पर सख्त कार्रवाई, नियमित पानी का छिड़काव और स्कूल-कॉलेज क्षेत्र में भारी वाहनों पर नियंत्रण
जब हजारों स्कूली बच्चे, किसान, व्यापारी और आम नागरिक रोज धूल और दुर्घटना के खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हों, तब यह केवल यातायात का मुद्दा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बन जाता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करते हैं या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार करेंगे।




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