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एसपी सूरज सिंह परिहार का अनुशासन और संस्कार का प्रेरक संदेश, धमतरी के स्कूल में मचा उत्साह



एसपी सूरज सिंह परिहार का अनुशासन और संस्कार का प्रेरक संदेश देते हुए

धमतरी

धमतरी जिले के पीएम श्री स्कूल भैंसमुंडी में उस वक्त माहौल कुछ अलग हो गया, जब विद्यार्थियों के बीच पहुंचे एसपी सूरज सिंह परिहार का अनुशासन और संस्कार का प्रेरक संदेश सुनने को मिला। विकासखंड मगरलोड स्थित इस स्कूल में निरीक्षण के दौरान एसपी ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए ऐसी बातें कहीं, जिन्हें सुनकर पूरा क्लासरूम जिज्ञासा से भर गया।

निरीक्षण के दौरान क्या-क्या जांचा गया?

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पीएमश्री योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त श्री परिहार ने भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं के साथ पुस्तकालय, शिक्षकों-विद्यार्थियों की उपस्थिति, ड्रॉपआउट रेशियो, परीक्षा परिणाम, शौचालयों की स्वच्छता तथा मिड-डे मील की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया।

एसपी सूरज सिंह परिहार का अनुशासन और संस्कार का प्रेरक संदेश — क्या कहा श्लोक में?

संवादात्मक सत्र में एसपी सूरज सिंह परिहार का अनुशासन और संस्कार का प्रेरक संदेश उस वक्त खास बन गया, जब उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के श्लोक "काक चेष्टा, बको ध्यानम्, श्वान निद्रा तथैव च..." का सरल भावार्थ समझाया। उन्होंने बताया कि एक आदर्श विद्यार्थी में कौए जैसी जिज्ञासा, बगुले जैसी एकाग्रता और श्वान जैसी सतर्कता होनी चाहिए।

मोबाइल और नशे से दूर रहने की दी सीख

श्री परिहार ने विद्यार्थियों को मोबाइल व सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा नशा और साइबर अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "कोई भी लक्ष्य कठिन हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।"

विद्यार्थियों ने साझा किए अपने सपने

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश सेवा करने की अपनी आकांक्षाएं साझा कीं। विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने एसपी सूरज सिंह परिहार के इस मार्गदर्शन को अत्यंत प्रेरणादायी बताया।

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