ऑनलाइन शॉपिंग या 'मौत' की होम डिलीवरी? दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन, Meesho के मैनेजर सलाखों के पीछे!
- moolchand sinha

- 30 minutes ago
- 2 min read

दुर्ग।
क्या आपका पसंदीदा शॉपिंग ऐप आपके घर तक 'खतरा' पहुँचा रहा है? दुर्ग पुलिस ने एक जानलेवा हमले की गुत्थी सुलझाते हुए देश के बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho के सुरक्षित होने के दावों की पोल खोल दी है। पुलिस ने न केवल जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पकड़ा, बल्कि उस सप्लाई चेन पर भी प्रहार किया है जिसने 'मौत का सामान' उपलब्ध कराया। मामले में पुलिस ने Meesho के एरिया मैनेजर सहित दो को गिरफ्तार किया है।
रंजिश पुरानी, हथियार 'डिजिटल'
घटना की शुरुआत 15 फरवरी 2026 की रात को हुई, जब बोरसी निवासी शिवनंदन मारकण्डे पर आरोपी प्रकाश यादव ने पुरानी रंजिश के चलते धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को तो जेल भेज दिया, लेकिन असली चुनौती थी उस प्रतिबंधित हथियार के स्रोत का पता लगाना।
डिजिटल सबूतों ने खोला 'सफेदपोश' अपराध का राज
विवेचना के दौरान जब आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले गए, तो पुलिस दंग रह गई। जांच में खुलासा हुआ कि हमले में इस्तेमाल घातक हथियार 14 सितंबर 2025 को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म Meesho से ऑर्डर कर मंगाया गया था। जब पुलिस ने कंपनी के एरिया मैनेजर लोकोप्रियो बानिक और डिलीवरी मैनेजर विवेक वर्मा को नोटिस देकर तलब किया, तो वे इस प्रतिबंधित हथियार की आपूर्ति से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
आर्म्स एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
ई-कॉमर्स के जरिए प्रतिबंधित हथियारों की यह सप्लाई आर्म्स एक्ट की निम्नलिखित धाराओं का खुला उल्लंघन है:
धारा 25(1)(क) व 27(3)
धारा 5 और 7 (प्रतिबंधित सामग्री का व्यापार और परिवहन)
इसी आधार पर पुलिस ने असम निवासी एरिया मैनेजर और स्थानीय डिलीवरी मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
दुर्ग पुलिस की अपील:
डिजिटल दुनिया में सतर्क रहें। ऑनलाइन माध्यम से किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित या अवैध वस्तु की खरीद-फरोख्त न करें। कानून का उल्लंघन करने वाले न केवल सामान खोएंगे, बल्कि उन्हें कठोर कानूनी कार्यवाही का सामना भी करना पड़ेगा।
सावधान रहें:
ऑनलाइन सामान मंगवाते समय सतर्कता बरतें। यदि आपको कोई संदिग्ध डिलीवरी मिले, तो उसे स्वीकार न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।



Comments