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कुरुद नपा भ्रष्टाचार जांच: बजट सत्र में विपक्ष का जोरदार हंगामा, मांगलिक भवन और बैडमिंटन कोर्ट निर्माण में बड़ी अनियमितता का आरोप



​नगर पालिका कुरूद बजट 2026

कुरूद | 2 अप्रैल 2026

नगर पालिका कुरूद की सियासत और विकास यात्रा में 30 मार्च 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक बदलाव की गवाह बनी। परिषद के प्रथम बजट सत्र में जहाँ ₹25 लाख के क्रांतिकारी लाभकारी बजट के साथ 'आदर्श और आत्मनिर्भर नगर' का खाका खींचा गया, वहीं निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की जड़ें खोदने का साहसिक सामूहिक निर्णय भी लिया गया। यह सत्र महज बजट का आंकड़ा नहीं, बल्कि शहर की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ एक 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान साबित हुआ है।

विपक्ष के तेवर: मांगलिक भवन और खेल मैदान में 'मटेरियल' का खेल! कुरुद नपा भ्रष्टाचार जांच 

​सदन की कार्यवाही के दौरान स्थिति उस वक्त बेहद तनावपूर्ण और गंभीर हो गई, जब विपक्षी पार्षदों ने एकजुट होकर सीधे तौर पर मांगलिक भवन और बैडमिंटन खेल ग्राउंड के निर्माण में भारी अनियमितता व निम्न स्तर की गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। पार्षदों के इस प्रखर आक्रोश और 'सेटिंग के खेल' को उजागर करने वाली बुलंद आवाज को देखते हुए, परिषद ने इसे आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज कर 'कुरुद नपा भ्रष्टाचार जांच' के लिए एक ऐतिहासिक सामाजिक और सामूहिक निर्णय लिया है। यह फैसला उन ठेकेदारों के लिए बड़ी चेतावनी है, जो जनता के पैसे की बंदरबांट की फिराक में थे।

कुरुद नपा भ्रष्टाचार जांच: 'जुगाड़' की कोशिशें नाकाम, सेटिंगबाज ठेकेदारों की उड़ी नींद

परिषद के इस कड़े रुख और जांच के फैसले से दोषी ठेकेदारों के चेहरे का रंग उड़ गया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, मांगलिक भवन और बैडमिंटन कोर्ट की खामियों को दबाने के लिए कुछ रसूखदार ठेकेदार अब 'बैकडोर सेटिंग' और 'फाइल पास' कराने के जुगाड़ में लग गए हैं। हालांकि, परिषद की सामूहिक एकजुटता और विपक्षी पार्षदों की चौकसी ने यह साफ कर दिया है कि अब केवल 'क्वालिटी' ही भुगतान का आधार बनेगी।

बड़ा सामाजिक निर्णय: गठित हुई 'स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम'

भ्रष्टाचार के किसी भी संभावित 'जुगाड़' को नाकाम करने और नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए परिषद ने एक हाई-पावर निरीक्षण कमेटी के गठन का बड़ा सामाजिक निर्णय लिया है।

कमेटी की संरचना: इस टीम में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संबंधित विभागीय सभापति, विपक्ष के प्रमुख वार्ड पार्षद, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और इंजीनियर शामिल होंगे।

ऑन-द-स्पॉट जांच: यह टीम सीधे मांगलिक भवन और बैडमिंटन ग्राउंड पर पहुंचकर मटीरियल का सैंपल लेगी और निर्माण की तकनीकी बारीकियों की जांच करेगी।

क्या होगी कार्रवाई? वक्त बताएगा अंजाम

इस कमेटी की जांच रिपोर्ट सीधे परिषद के आगामी पटल पर रखी जाएगी। परिषद के इस सख्त रवैये ने उन ठेकेदारों के इरादों पर पानी फेर दिया है जो गुणवत्ता से समझौता कर मुनाफ़ा कमाने की फिराक में थे। अब पूरे नगर की नजरें इस पर टिकी हैं कि मांगलिक भवन और खेल मैदान की जांच में क्या सच सामने आता है और किन जिम्मेदारों पर परिषद की गाज गिरती है।

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