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धमतरी: 'काम में ढिलाई तो कुर्सी से विदाई', कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का सख्त एक्शन, राजस्व निरीक्षक सस्पेंड

Updated: 5 days ago



कलेक्टर अबिनाश मिश्रा द्वारा राजस्व निरीक्षक पर कार्रवाई

धमतरी | 9 मई 2026

धमतरी जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। शासन की योजनाओं और जनता के कार्यों में लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि— 'काम में ढिलाई तो कुर्सी से विदाई'। इसी क्रम में, सीमांकन कार्य में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर भखारा तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (RI) मोहित कुमार सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

**कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का कड़ा रुख: 'काम में ढिलाई तो कुर्सी से विदाई' के तहत RI निलंबित

भखारा तहसील क्षेत्र में सीमांकन का एक मामला लंबे समय से लंबित था, जिसे लेकर आवेदक द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा द्वारा की गई समीक्षा में यह पाया गया कि राजस्व निरीक्षक मोहित कुमार सोनी ने इस प्रकरण में न केवल देरी की, बल्कि कार्य के प्रति उदासीनता भी दिखाई।

**कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्पष्टीकरण असंतोषजनक मिलने पर लिया कड़ा फैसला

निलंबन की कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया था। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, RI द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं था, जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए कलेक्टर ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश में साफ कहा गया है कि आम जनता को परेशान करने वाली कार्यप्रणाली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निलंबित RI नगरी कार्यालय में अटैच, जवाबदेही पर चर्चा तेज

प्रशासनिक अमले में मची खलबली

कलेक्टर की इस "ऑन द स्पॉट" कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग सहित अन्य सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।

अटैचमेंट: निलंबित राजस्व निरीक्षक को निलंबन अवधि के लिए 'नगरी' कार्यालय में संबंद्ध किया गया है।

सख्त संदेश: जिले में अब उन सभी अधिकारियों पर पैनी नजर रखी जा रही है जो फाइलों को बेवजह रोककर रखते हैं।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का 'जीरो टॉलरेंस' संदेश: अब हर विभाग पर पैनी नजर

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने साफ कर दिया है कि धमतरी प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में है। यदि किसी भी स्तर पर 'काम में ढिलाई' पाई गई, तो संबंधित की 'कुर्सी से विदाई' तय है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे समय-सीमा के भीतर जनता की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें।

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