किसानों और कर्मचारियों के हक में 'सिस्टम' से सवाल? अध्यक्ष निरंजन सिन्हा का बड़ा बयान- 'तकनीक को सुविधा बनना है, बाधा नहीं'
- moolchand sinha

- Jan 14
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पोर्टल की डेट, OTS और अनुकम्पा नियुक्ति पर सहकारिता सचिव से आर-पार की चर्चा; अध्यक्ष निरंजन सिन्हाऔर उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप ने सौंपा ज्ञापन)

रायपुर:
डिजिटल इंडिया के दौर में क्या 'सर्वर की सुस्त चाल' और 'पोर्टल की डेडलाइन' जनहित पर भारी पड़नी चाहिए? इस बुनियादी सवाल के साथ मंगलवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (DCCB), रायपुर के शीर्ष नेतृत्व ने मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया।
सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना (IAS) के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बैंक अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा और उपाध्यक्ष श्री अभिनेष कश्यप ने मैदानी हकीकत को पूरी मजबूती से रखा।
अध्यक्ष निरंजन सिन्हा का बड़ा बयान: "व्यावहारिक होना जरूरी"
बैठक के बाद अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा:
"हमारी प्राथमिकता अंतिम छोर पर खड़ा किसान और बैंक का वह कर्मचारी है जो दिन-रात मेहनत करता है। सुदूर वनांचलों में इंटरनेट की धीमी गति एक वास्तविकता है। ऐसे में अगर पोर्टल समय से पहले बंद होता है, तो यह 'तकनीकी तानाशाही' होगी। हमने सचिव महोदय से स्पष्ट कहा है कि तकनीक को सुविधा बनना चाहिए, बाधा नहीं। पोर्टल की अवधि बढ़ाना और अनुकम्पा नियुक्ति पर निर्णय लेना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है।"
बैठक के 3 प्रमुख एजेंडे
पोर्टल अवधि (Duration) बढ़ाने पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को अवगत कराया कि धान खरीदी और ऋण वितरण के पीक समय में अक्सर सर्वर धीमा रहता है। ऐसे में पोर्टल में डेटा एंट्री के लिए समय-सीमा (Time Limit) को तत्काल प्रभाव से बढ़ाया जाना चाहिए ताकि कोई भी समिति या किसान पेंडिंग न रहे।
एकमुश्त समझौता (OTS) में राहत
कर्ज के बोझ से दबे किसानों को मुख्यधारा में लाने के लिए 'एकमुश्त समझौता योजना' की मियाद बढ़ाने की मांग की गई। उपाध्यक्ष श्री अभिनेष कश्यप ने तर्क दिया कि समय बढ़ने से बैंक की रिकवरी भी बढ़ेगी और किसानों को भी राहत मिलेगी।
अनुकम्पा नियुक्ति: एक मानवीय पहल
बैंक के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों के लिए यह बैठक उम्मीद की किरण लेकर आई। नेतृत्व ने अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों में नियमों को शिथिल करते हुए त्वरित सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेने की वकालत की।
सकारात्मक परिणाम की उम्मीद
सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने अध्यक्ष श्री सिन्हा और उनकी टीम द्वारा उठाए गए बिंदुओं को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि मैदानी स्तर पर व्यावहारिक समस्याएं हैं और आश्वस्त किया कि पोर्टल की समय-सीमा वृद्धि सहित अन्य मांगों पर विभाग जल्द ही सकारात्मक आदेश जारी करेगा।
यह बैठक केवल मांगों की सूची सौंपने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह प्रशासन को यह याद दिलाने की कोशिश थी कि फाइलों और पोर्टल से बाहर भी एक दुनिया है। अध्यक्ष निरंजन सिन्हा और उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप की यह संयुक्त पहल अगर रंग लाती है, तो प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।








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