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​कुरुद प्रेस क्लब: सर्वसम्मति से 'सरकार' का गठन, मूलचंद सिन्हा ने पेश किया आर्थिक मजबूती का रोडमैप, तो धनसिंह बोले- 'धुंधला नहीं होगा समाज का आईना'

(कुरुद/स्पेशल डेस्क)

लोकतंत्र में अक्सर चुनाव का पर्याय 'विभाजन' या 'गुटबाजी' को माना जाता है, लेकिन शुक्रवार को कुरुद प्रेस क्लब ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल बैठक में कुरुद के पत्रकारों ने एकजुटता की वह मिसाल पेश की, जो अब समाज के लिए एक 'केस स्टडी' बन गई है।

​भारी गहमागहमी और सकारात्मक चर्चाओं के बीच, प्रेस क्लब ने 'सर्वसम्मति' से अपनी नई कमान चुन ली है। सदन ने वरिष्ठता और युवा जोश के संगम पर मुहर लगाते हुए मूलचंद सिन्हा को एक बार फिर निर्विरोध अध्यक्ष चुना है, जबकि संगठन की धुरी माने जाने वाले महासचिव पद की कमान धनसिंह सेन को सौंपी गई है।

विरासत: "25 साल का सफर अब सुरक्षित हाथों में"

​संगठन के संरक्षक कृपाराम यादव ने नई टीम के गठन को प्रेस क्लब के लिए एक सुखद संयोग करार दिया। उन्होंने पुरानी यादों और भविष्य की उम्मीदों को जोड़ते हुए कहा:

"25 साल पहले कुरुद प्रेस क्लब का जो सफर शुरू हुआ था, वह आज भी बदस्तूर जारी है। खुशी इस बात की है कि हमें मूलचंद और धनसिंह जैसे कर्मठ साथी मिले हैं। इनका पिछला कार्यकाल और रेस्ट हाउस के लिए किया गया संघर्ष इस बात की गारंटी है कि यह 'नई ऊर्जा' संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उम्मीद है कि यह टीम पूरी इच्छाशक्ति के साथ परंपरा को आगे बढ़ाएगी।"


एकजुटता: "संगठन बचा है, क्योंकि हम 'एक' हैं"

​पूर्व अध्यक्ष अजय केला ने संगठन की एकजुटता पर एक बेबाक और कड़वा सच बयां करते हुए सदस्यों को आईना दिखाया। उन्होंने स्पष्ट कहा:

"वैचारिक सहमति-असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हम एक-दूसरे के विरोधी नहीं हो सकते। आज अगर हमारा प्रेस क्लब भवन हमारे पास सुरक्षित है, तो यह हमारी 'एकता' का ही परिणाम है, वरना विकट परिस्थितियों में हम इसे खोने की कगार पर थे। भविष्य के संकटों से लड़ने के लिए हमें यही ताकत बनाए रखनी होगी।"


​वहीं, पूर्व अध्यक्ष जमाल रिजवी ने नवनिर्वाचित जोड़ी को 'गणितीय और भावनात्मक' मंत्र दिया:

"मुझे यकीन है कि मूलचंद और धनसिंह मिलकर 'एक और एक दो' नहीं, बल्कि 'एक और एक ग्यारह' की तरह काम करेंगे। छोटे-मोटे मतभेद संगठन के आड़े नहीं आएंगे। आप दोनों प्रेस क्लब को उस मुकाम पर ले जाएं, जहां हर पत्रकार गर्व महसूस करे।"


​पूर्व अध्यक्ष गणेश साहू ने निर्विरोध निर्वाचन को एक शुभ संकेत बताया:

"सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन होना बहुत बड़ी बात है। यह बताता है कि हम तैयार हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि नई टीम अपने कार्यकाल में प्रेस क्लब के इतिहास में 'नए कीर्तिमान' गढ़ेगी।"


विजन 2026: आर्थिक आजादी और बेदाग छवि

​जिम्मेदारी संभालते ही अध्यक्ष मूलचंद सिन्हा ने अपने दूसरे कार्यकाल का एजेंडा सेट कर दिया। उन्होंने भावनात्मक अपील करते हुए कहा:

"मेरा दूसरा कार्यकाल 'प्रेस क्लब की आर्थिक तरक्की' को समर्पित होगा। हमारा लक्ष्य प्रेस क्लब को आर्थिक रूप से इतना सक्षम बनाना है कि किसी भी पत्रकार साथी के परिवार पर मुसीबत आए, तो संगठन ढाल बनकर खड़ा रहे और आर्थिक मदद कर सके। हम नए भवन को प्रेस क्लब की 'आर्थिक रीढ़' बनाएंगे।"


​दूसरी ओर, नवनिर्वाचित महासचिव धनसिंह सेन ने पत्रकारिता के मूल्यों पर जोर दिया:

"हम दुनिया को आईना दिखाते हैं, इसलिए हमारा खुद का आईना धुंधला नहीं होना चाहिए। हम भाईचारे और सद्भाव के साथ काम करेंगे और संगठन की साख को आंच नहीं आने देंगे।"


ये रहे साक्षी और इन्होंने दी बधाई

​बैठक में कुरूद प्रेस क्लब संरक्षक प्रेम लाल साहू, कृपा राम सिन्हा, रविशर्मा, चंदन शर्मा, यशवंत गंजीर, योगेश साहू और दीपक साहू विशेष रूप से उपस्थित थे।

बधाइयों का तांता:

इस नई और मजबूत शुरुआत पर विधायक अजय चंद्राकर, नपा अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर, भानु चंद्राकर, निरंजन सिन्हा, शिव प्रताप ठाकुर, तारिणी चंद्राकर, तपन चंद्राकर, देवव्रत साहू, माहिम शुक्ला, मनीष साहू, रविकांत चंद्राकर, भरत नाहर, श्रीमती ज्योति हरक चंद जैन, सुनील चंद्राकर, मनीष शर्मा, कमल शर्मा, रमेश पांडे, संजय ध्रुव, कृष्णकांत साहू, भूपेंद्र साहू, डॉ. क्षितिज साहू, मुकेश कश्यप, शशांक कृदत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने नई टीम को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

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