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कुरूद के आयुष ने कैसे तय किया स्वामी आत्मानंद स्कूल से सीएम हाउस तक का सफर?

: धमतरी जिले की मेरिट लिस्ट में 7वां स्थान, सीएम हाउस में सम्मान और एक सरकारी स्कूल के छात्र की ऐतिहासिक उड़ान)


रायपुर/ कुरूद |

सफलता शोर नहीं मचाती, बल्कि नतीजों की गूंज सुनाती है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक में, स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (हिंदी माध्यम) की कक्षाओं में बैठकर जब आयुष सोनकर अपनी किताबों में खोए रहते थे, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि उनकी मेहनत एक दिन उन्हें सीधे राजधानी रायपुर के 'मुख्यमंत्री निवास' तक ले जाएगी।

97.67% अंक। यह केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि उस अनुशासन और तपस्या का प्रमाण पत्र है, जिसे आयुष ने अपनी कलम से लिखा है।

राजधानी में 'प्रतिभा' का सम्मान

​यह दृश्य साधारण नहीं था। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास का भव्य प्रांगण, प्रदेश के शीर्ष पदाधिकारी और उनके बीच अपनी सादगी और प्रतिभा के साथ खड़े आयुष सोनकर।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान समारोह–2024’ में जब आयुष का नाम पुकारा गया, तो यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि धमतरी जिले की उस शिक्षा व्यवस्था का भी था, जिसने ऐसे हीरे को तराशा है। जिले की प्रावीण्य सूची (Merit List) में सातवां स्थान हासिल कर आयुष ने साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।

सरकारी स्कूल ने बदली धारणा

​अक्सर सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं, लेकिन कुरूद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस) ने इस मिथक को तोड़ा है। आयुष की यह उपलब्धि 'सेजेस' की अनुशासित अध्ययन संस्कृति और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है।

विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि आयुष ने एक 'बेंचमार्क' सेट किया है। यह जीत व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संस्थागत है।

बधाइयों का तांता: "यह तो बस शुरुआत है"

​आयुष की इस शानदार सफलता पर शिक्षा जगत में खुशी की लहर है। उन्हें बधाई देने वालों में जिले के शीर्ष अधिकारी और शिक्षाविद् शामिल हैं:

  • अभय जायसवाल (जिला शिक्षा अधिकारी)

  • सी.के. साहू (विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी)

  • डी.के. साहू (प्राचार्य)

  • राजेश पाण्डेय (वरिष्ठ व्याख्याता)

  • प्रसन्न नायडू (अध्यक्ष, SMDC)

​इन सभी ने एक सुर में कहा कि आयुष की यह उपलब्धि आने वाले छात्रों के लिए 'प्रेरणा की मशाल' बनेगी।

सपनों की उड़ान

​आयुष सोनकर की कहानी आज के युवाओं के लिए एक 'केस स्टडी' है। यह बताती है कि अगर लक्ष्य अर्जुन जैसा हो और मेहनत एकलव्य जैसी, तो सफलता को आपके कद के बराबर आना ही पड़ता है। आयुष ने अपनी मंजिल का एक पड़ाव पार किया है, लेकिन जिस तरह का आत्मविश्वास सीएम हाउस से लौटकर उनकी आँखों में दिखा है, वह बताता है कि आसमान अभी बाकी है।

Quick Highlights (एक नज़र में)

  • छात्र: आयुष सोनकर

  • उपलब्धि: 10वीं बोर्ड में 97.67% (जिले में 7वां स्थान)

  • स्कूल: स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (हिंदी माध्यम), कुरूद

  • विशेष: मुख्यमंत्री निवास में 'प्रतिभा सम्मान समारोह-2024' में सम्मानित।

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