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कुरूद बदलेगा, तस्वीर भी बदलेगी — 17 करोड़ की सौगात, बाईपास से पेयजल तक बड़ा ऐलान


कुरूद | विशेष रिपोर्ट

जब फाइल नहीं, फैसले दौड़ने लगें — तब शहर बदलता है

स्वामी विवेकानंद जयंती पर कुरूद ने केवल जयंती नहीं मनाई, बल्कि अपने विकास की दिशा भी तय कर दी। केनाल रोड पर स्वामी विवेकानंद की भव्य प्रतिमा का अनावरण, नवीन मंगल भवन में नगर पालिका का शुभारंभ और 17 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण–शिलान्यास — यह दिन कुरूद के इतिहास में “विकास दिवस” के रूप में दर्ज हो गया।

इस मौके पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव, विधायक अजय चंद्राकर , सांसद रूपकुमारी चौधरी और नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चंद्राकर एक मंच पर दिखे — और चारों के शब्दों से साफ था कि कुरूद अब इंतजार नहीं करेगा, आगे बढ़ेगा।





"विकास की गारंटी है कुरूद की फाइल" — उप मुख्यमंत्री अरुण साव

​मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव ने मंच से जब हुंकार भरी, तो समूचा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने विकास की नई परिभाषा गढ़ते हुए कहा:

"हम राजनीति विकास के लिए करते हैं, विकास में राजनीति के लिए नहीं। जब कोई फाइल कुरूद से आती है, तो विधायक अजय चंद्राकर की सक्रियता के कारण उस पर 'अर्जेंट' की मुहर पहले से लगी होती है। ऐसी फाइलें मंत्रालय में धूल नहीं फांकतीं, बल्कि 'सांय-सांय' निर्णयों में तब्दील होती हैं।"

उन्होंने ज्योति भानु चंद्राकर की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि कुरूद के प्रस्तावों को सरकार इसलिए तेजी से मंजूरी दे रही है, क्योंकि यहां ईमानदारी से काम हो रहा है।

संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • पेयजल क्रांति: कुरूद के लिए 14 करोड़ और भखारा के लिए 16 करोड़ की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना को हरी झंडी।

  • आर्थिक सशक्तिकरण: महतारी वंदन और किसान बोनस के जरिए सीधे जनता की जेब में खुशहाली।

  • पारदर्शिता: भ्रष्टाचार के 'कट' कल्चर का अंत, अब शत-प्रतिशत राशि सीधे लाभार्थी के खाते में।



​ अरुण साव ने अजय चंद्राकर की पैरवी करने के अंदाज को राजनीति की 'कार्यशाला' बताते हुए कहा—

​"विकास की फाइल को सचिवालय की भूलभुलैया से निकालकर मंजूरी की मंजिल तक कैसे पहुंचाया जाता है, यह कला अगर किसी को सीखनी है तो वह अजय चंद्राकर से सीखे। मंत्री से लेकर सचिव और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और सटीक रणनीति ही है कि आज कुरूद की हर फाइल पर 'स्वीकृति' की मुहर लगती है।"


अजय चंद्राकर की कार्यशैली के तीन स्तंभ:

  • समन्वय: शासन और प्रशासन के बीच सेतु की तरह काम करना।

  • रणनीति: विकास कार्यों की ऐसी रूपरेखा बनाना जिसे कोई नकार न सके।

  • सतत प्रयास: फाइल के पीछे तब तक लगे रहना जब तक वह धरातल पर न उतर जाए।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि कुरूद का यह कायाकल्प कोई 'संयोग' नहीं है, बल्कि यह अजय चंद्राकर की सतत साधना और अटूट संकल्प का परिणाम है।


अजय चंद्राकर का 'विजन-2026': न रुकेंगे, न थकेंगे; अब आत्मनिर्भर बनेगा कुरूद

​मंच से विपक्ष की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने कुरूद के विकास का वह 'ब्लूप्रिंट' जनता के सामने रखा, जो आने वाले दशकों की तस्वीर बदल देगा। उनके संबोधन के ये चार स्तंभ कुरूद की नई पहचान बनेंगे:

1. न्याय की जीत: "हक छीना गया था, हमने वापस लिया"

​अजय चंद्राकर ने पूरी बेबाकी से कहा कि कुरूद वर्षों से नगर पालिका बनने की पात्रता रखता था, लेकिन पिछले 5 सालों में उसका हक नहीं मिला जो राजनीतिक भेंट चढ़ा दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा— "यह सिर्फ एक दर्जा नहीं, बल्कि कुरूद की जनता के साथ हुआ न्याय है।"

कनेक्टिविटी का मास्टरप्लान: ₹90 करोड़ का 'बाईपास कवच'

​शहर को जाम के जंजाल से मुक्त करने के लिए उन्होंने 90 करोड़ की भारी-भरकम राशि से बनने वाले नए बाईपास की घोषणा की। यह बाईपास सीधे NH-30 से जुड़ेगा, जिससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव खत्म होगा और व्यापारिक सुगमता बढ़ेगी।

आत्मनिर्भर कुरूद: "खैरात नहीं, आय पर भरोसा"

​विकास के लिए बार-बार सरकार के आगे हाथ न फैलाना पड़े, इसके लिए उन्होंने 'आत्मनिर्भर नगर पालिका' का मॉडल पेश किया। वीआईपी रोड पर बनने वाला हाई-टेक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नगर पालिका की तिजोरी में 5 से 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व डालेगा, जिससे शहर का रखरखाव अपने दम पर होगा।

युवाओं का 'यंग समिट': प्रतिभा को नई उड़ान

​स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्होंने युवाओं को सबसे बड़ा मांग रखी

अगले वर्ष कुरूद में "यंग समिट" का

यह केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच होगा जहाँ युवाओं को मोटिवेशन, करियर गाइडेंस और उनके कौशल को निखारने का सीधा अवसर मिलेगा।



सेवा और संकल्प — ज्योति भानु चंद्राकर

नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चंद्राकर ने कहा— नगर पंचायत से नगर पालिका बनने के दौर में पूरी गंभीरता से काम

विकास का हर पैसा जनता की सुविधा में

कुरूद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य

घोषणाओं की बौछार: जो कहा, वो कर दिखाया

​समारोह के दौरान विकास की झड़ी लग गई

₹1.46 करोड़ — विवेकानंद मंगल भवन से केसीपी स्कूल तक नाला निर्माण व बिजली शिफ्टिंग

₹30 लाख — शहर की लाइटिंग और संसाधनों के लिए

कुरूद ₹14 करोड़, भखारा ₹16 करोड़ — पेयजल योजना

दमदार और प्रेरक

यह समारोह सिर्फ पत्थर रखने का नहीं था,

यह भविष्य गढ़ने का दिन था।

जहां—

नेतृत्व सक्रिय है,

फैसले तेज हैं,

और विकास रुकता नहीं।

कुरूद अब इतिहास नहीं देखता,

कुरूद अब भविष्य लिखता है।



अब आपकी बारी — कुरूद के विकास पर राय दीजिए!

क्या आपके इलाके में बदलाव दिख रहा है?

कौन-सा काम सबसे जरूरी है आपके वार्ड में?

कमेंट करें, शेयर करें और कुरूद की आवाज़ बनिए।

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