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खुशी का दिन, मातम की रात: स्कूल में बेटी ने काटा केक, उधर पिता की दर्दनाक मौत ने छीन ली मुस्कान


कुरुद, छत्तीसगढ़ |

छठवीं की छात्रा खुशी पटेल के लिए शुक्रवार का दिन जीवनभर याद रहने वाला था—पर खुशी के लिए नहीं, बल्कि एक अमिट दर्द बनकर। सुबह स्कूल में सहेलियों के बीच हँसी, ताली, केक और मोमबत्तियों के साथ मना जन्मदिन… और उसी दिन दोपहर उसके सिर से पिता का साया छिन जाना।

एक पल में उत्सव की चमक बुझ गई और खुशी, अपने ही नाम की तरह, खुशी से कोसों दूर हो गई।


मृतक नरेंद्र पटेल
मृतक नरेंद्र पटेल

निर्माण स्थल पर दर्दनाक हादसा—पैर फिसला, गड्ढे में गिरते ही सब ख़त्म


ग्राम चर्रा निवासी नरेंद्र पटेल (35) शास्त्री नगर में एक निर्माणाधीन मकान का ठेका लिए हुए थे। रोज़ की तरह काम की निगरानी कर रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे वे कॉलम के लिए खुदे गड्ढे में भरे पानी को निकालने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया।


संतुलन बिगड़ते ही वे सीधे सिर के बल पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरे। भीतर भरे पानी ने उन्हें ऊपर आने का कोई मौका नहीं दिया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।


स्थानीय मजदूरों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कुरुद पुलिस पहुँची, पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा और परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।



सुबह केक काटा, शाम पिता की अर्थी संभाली—विरोधाभास जिसने पूरे क्षेत्र को रुला दिया


सुबह खुशी पटेल अपनी कक्षा के दोस्तों के साथ जन्मदिन की हँसी बाँट रही थी, और शाम तक वह वही बच्ची अपने पिता के पार्थिव शरीर को देख फूट-फूटकर रो रही थी।

स्कूल की सजावट, तालियों की गूँज और मोमबत्तियों की रोशनी—सब कुछ कुछ ही घंटों में मातम, सन्नाटे और आंसुओं में बदल गया।


चर्रा और कुरुद क्षेत्र में इस घटना ने हर दिल को हिलाकर रख दिया है।

लोगों के मन में एक ही सवाल—

"क्या नियति किसी मासूम पर इतना बड़ा वार कर सकती है?"


पूरा इलाका शोकमग्न है और हर कोई पटेल परिवार के इस असहनीय दुख में साथ खड़ा है।

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