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​छत्तीसगढ़ में 'डिजिटल लुटेरों' के खिलाफ 'रेड अलर्ट': 8 हाईटेक थानों के साथ शुरू हुई आर-पार की जंग

धमतरी/रायपुर |

​आपकी जेब में रखा फोन अब सिर्फ संपर्क का साधन नहीं, बल्कि आपकी जमा-पूंजी की तिजोरी है। इसी 'डिजिटल तिजोरी' पर बढ़ते हमलों को नाकाम करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा घेरा तैयार कर लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री (गृहमंत्री) श्री विजय शर्मा ने एक रणनीतिक पहल करते हुए राज्य में एक साथ 08 नए साइबर थानों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस फैसले को प्रदेश की पुलिसिंग के इतिहास में एक 'वाटरशेड मोमेंट' (युगांतरकारी क्षण) माना जा रहा है।

​धमतरी: अब 'टेक्नो-पुलिसिंग' का नया केंद्र

​इस राज्य स्तरीय अभियान के तहत धमतरी जिले को अपना स्वतंत्र और सर्वसुविधायुक्त साइबर थाना मिल गया है। अब तक सामान्य थानों में साइबर अपराध की फाइलें तकनीकी पेचीदगियों में उलझ जाती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

धमतरी में हुए उद्घाटन समारोह की 'बिग पिक्चर':

कार्यक्रम की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले का शीर्ष नेतृत्व एक मंच पर था। महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सूरज सिंह परिहार ने संयुक्त रूप से इस थाने को जनता को समर्पित किया।

​ यह सामान्य थाना नहीं, 'डिजिटल लैब' है

​धमतरी का यह नया थाना सिर्फ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की जगह नहीं है, बल्कि यह एक 'रैपिड रिस्पॉन्स सेंटर' है।

मिशन: ऑनलाइन ठगी, सेक्सटोर्शन (Sextortion), सोशल मीडिया बुलिंग और यूपीआई फ्रॉड (UPI Fraud) की कमर तोड़ना।

तकनीक: यहाँ तैनात टीम को डिजिटल फुटप्रिंट ट्रेस करने और डार्क वेब की गतिविधियों को समझने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।

उद्देश्य: 'डिजिटल इंडिया' के विजन को सुरक्षित बनाना और जनता का खोया हुआ विश्वास लौटाना।

​एसपी की अपील: "गोल्डन ऑवर में दें सूचना"

​धमतरी के पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने समस्या की नब्ज पकड़ते हुए जनता से सीधा संवाद किया।

एसपी का संदेश: "साइबर अपराध एक अदृश्य दुश्मन द्वारा किया गया हमला है। इसमें 'समय' ही सबसे बड़ा हथियार है। ठगी होने के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर में) यदि आप साइबर थाने या हेल्पलाइन पर सूचना देते हैं, तो पैसे रिकवर होने और अपराधी के पकड़े जाने की संभावना 90% तक बढ़ जाती है।"


​'टीम धमतरी' पूरी तरह तैयार

​इस नई व्यवस्था को संचालित करने के लिए जिले के अनुभवी अफसरों की फौज तैनात की गई है। उद्घाटन के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी सुश्री मीना साहू, डीएसपी यशकरण दीप ध्रुव, वैज्ञानिक अधिकारी अमित पटेल, और रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा समेत जिले के तमाम थाना प्रभारी मौजूद रहे।

​अपराध के बदलते पैटर्न पर प्रहार

​विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल थानों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह अपराध के बदलते पैटर्न (Modus Operandi) के खिलाफ सरकार की आक्रामक नीति का परिचायक है। धमतरी समेत प्रदेश के 8 जिलों में अब साइबर अपराधियों के लिए छिपना नामुमकिन होगा।

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