🔥 दिल्ली के ‘इंदिरा भवन’ में खिंची विरोध की लकीर: क्या तारिणी चंद्राकर का ‘मिशन इंदिरा भवन’ सत्ता पक्ष के लिए बनेगा बड़ी चुनौती?
- moolchand sinha

- 1 day ago
- 2 min read

दिल्ली/कुरूद।
अब केवल बैठकों के दौर में नहीं, बल्कि 'बैटल मोड' में है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन इन दिनों कांग्रेस के उस अभेद्य चक्रव्यूह का केंद्र बन गया है, जहाँ से सत्ता पक्ष की घेराबंदी की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल रणनीतिक शिविर में धमतरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी नीलम चंद्राकर को वो 'गुरु मंत्र' मिला है, जो आने वाले समय में जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है।
सरकार के खिलाफ 'चार्जशीट' तैयार: ट्रेनिंग के 3 बड़े टेकअवे
दिल्ली के रणनीतिकारों ने जिला अध्यक्षों को साफ संदेश दिया है कि अब केवल विरोध नहीं, बल्कि 'विध्वंसक प्रहार' करना होगा। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु ये रहे:
नाकामियों का गणित: सरकार की उन योजनाओं की सूची तैयार करना जो जमीन पर फेल हैं, और उन्हें "आम आदमी की भाषा" में जनता तक पहुँचाना।
सत्ता पक्ष की घेराबंदी: स्थानीय भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढिलाई को मुद्दा बनाकर सत्ता पक्ष को बैकफुट पर धकेलना।
पॉकेट मीटिंग्स का जाल: बड़ी रैलियों के बजाय मोहल्लों और चाय की दुकानों पर छोटी-छोटी चर्चाओं के जरिए सरकार विरोधी माहौल तैयार करना।
तारिणी चंद्राकर का 'तगड़ा' प्रहार "अब घर-घर जाकर खोलेंगे पोल"
प्रशिक्षण शिविर से प्राप्त ऊर्जा और रणनीति को लेकर तारिणी नीलम चंद्राकर ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा:
"सत्ता के नशे में चूर सरकार को जगाने का वक्त आ गया है। दिल्ली के इंदिरा भवन से हमें जो धार मिली है, वह सत्ता पक्ष के अहंकार को तोड़ने के लिए काफी है। हमने तय किया है कि हम सरकार की हर नाकामयाबी को आम आदमी के चूल्हे तक लेकर जाएंगे। जनता देख रही है कि कैसे उनके हक पर डाका डाला जा रहा है। अब कांग्रेस का एक-एक सिपाही 'पब्लिक ऑडिट' करेगा और सरकार से सीधे सवाल पूछेगा।"
बूथ स्तर पर 'एंटी-इस्टैब्लिशमेंट' लहर की तैयारी
इस शिविर का सारगर्भित निष्कर्ष यह है कि कांग्रेस अब 'डिफेंसिव' नहीं 'ऑफेंसिव' होगी। तारिणी चंद्राकर के नेतृत्व में जिले का संगठन अब सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट लेकर मैदान में उतरेगा। इसमें महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों को हथियार बनाकर सरकार के खिलाफ जन-आंदोलन खड़ा करने की पुख्ता तैयारी है।

सत्ता पक्ष के लिए खतरे की घंटी?
जिस तरह से इंदिरा भवन में जिला अध्यक्षों को 'सटीक और मारक' राजनीति का पाठ पढ़ाया गया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सड़क से लेकर सदन तक सरकार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। तारिणी चंद्राकर की अगुवाई में जिला कांग्रेस कमेटी अब एक नए, आक्रामक अवतार में दिखने को तैयार है।







Comments