धमतरी हत्या कांड — फांसी पर लटकी लाश देख पहले लगा सुसाइड, 48 घंटे में खुली मां-बेटे की खौफनाक साजिश
- moolchand sinha

- Jul 2
- 3 min read

कुरूद।
गांव गोजी में उस सुबह जो नजारा दिखा, उसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। घर के आंगन में एक 23 साल के युवक का शव फांसी के फंदे से झूल रहा था। परिवार वालों ने यही समझा कि नरसिंग साहू ने खुद अपनी जान दे दी। पुलिस को भी शुरुआत में यही केस "आत्महत्या" जैसा लगा। लेकिन धमतरी हत्या कांड की असलियत इतनी सीधी नहीं थी — यह एक सोची-समझी हत्या थी, और हत्यारे कोई और नहीं, मृतक की अपनी मां और सगा भाई निकले।
धमतरी हत्या कांड — घटना कब और कहां हुई?
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की चौकी बिरेझर, थाना कुरूद क्षेत्र के ग्राम गोजी में 29 जून 2026 को नरसिंग साहू (23 वर्ष) की संदिग्ध मौत हुई थी। पहली नजर में मामला खुदकुशी का लग रहा था, लेकिन पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर टीम ने घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल शुरू की, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण धमतरी हत्या कांड के रूप में सामने आया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली धमतरी हत्या कांड की पोल
जांच में सबसे बड़ा मोड़ पोस्टमार्टम रिपोर्ट से आया। डॉक्टरों ने साफ बताया कि मौत फांसी से नहीं, बल्कि पहले हाथ से गला घोंटने और फिर रस्सी से गला कसकर सांस रोकने से हुई थी। रिपोर्ट में मौत को हत्यात्मक करार दिया गया। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच तेज कर दी।
सिर्फ 48 घंटे और खुल गया धमतरी हत्या कांड का राज़
लगातार पूछताछ, तकनीकी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर शक की सुई मृतक के ही भाई नरेश साहू (22 वर्ष) और मां कमला बाई साहू (60 वर्ष) पर जा टिकी। सख्ती से पूछताछ होते ही दोनों टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
वजह जानकर हिल जाएंगे आप — सिर्फ शराब के पैसों का झगड़ा
आरोपियों के मुताबिक नरसिंग शराब पीने के लिए घर से पैसे मांग रहा था। मना करने पर बहस हाथापाई में बदल गई। गुस्से में आकर मां-बेटे ने पहले गला दबाया, फिर नारियल की रस्सी से कसकर उसका दम घोंट दिया। इतना ही नहीं, कहीं वह बच न जाए, इस डर से उसे कीटनाशक दवा तक पिला दी गई।
सबूत मिटाने के लिए रचा गया झूठ
हत्या के बाद असली खेल शुरू हुआ। शव को फांसी पर टांगकर घटना को आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की गई और परिवार के बाकी सदस्यों से भी झूठी कहानी बताई गई। लेकिन वैज्ञानिक विवेचना और पुलिस की सूक्ष्म पड़ताल के आगे धमतरी हत्या कांड की यह साजिश ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
धमतरी हत्या कांड में आरोपियों पर दर्ज हुई धाराएं, भेजे गए जेल
थाना कुरुद में अपराध क्रमांक 199/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1), 238, 3(5) में हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज किया गया। पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
धमतरी हत्या कांड के आरोपी कौन-कौन हैं
नरेश साहू, पिता दौवा राम साहू (22 वर्ष), निवासी गोजी, चौकी बिरेझर
कमला बाई साहू, पति दौवा राम साहू (60 वर्ष), निवासी ग्राम गोजी, चौकी बिरेझर
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में धमतरी पुलिस ने धमतरी हत्या कांड को सुलझाकर एक बार फिर साबित किया कि "आत्महत्या" जैसे दिखने वाले मामलों में भी अगर वैज्ञानिक तरीके से जांच हो, तो हत्या जैसी बड़ी साजिश भी उजागर होने से नहीं बच सकती।




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