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धमतरी की दहलीज पर 'ग्लोबल मार्केट': कलेक्टर के "फूड बास्केट ऑफ एशिया" विजन को मिली नई ऊर्जा, निर्यात की राह हुई आसान

धमतरी। छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला अब केवल धान की पैदावार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी गुणवत्ता का डंका बजाने के लिए तैयार है। जिला प्रशासन और कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के साझा मंच ने धमतरी को “फूड बास्केट ऑफ एशिया” के रूप में तब्दील करने की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित 'निर्यात अवसर जागरूकता कार्यक्रम' ने न केवल स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का रोडमैप तैयार किया है, बल्कि जिले के अन्नदाताओं और उद्यमियों के लिए समृद्धि के नए द्वार भी खोल दिए हैं।

विजनरी नेतृत्व और रणनीति:

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिले की कृषि और वनोपज संपदा पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि धमतरी में वह सामर्थ्य है कि यह पूरे एशिया की खाद्य जरूरतों का केंद्र बन सके। उनका विजन स्पष्ट है— जिले के अनाज, ताजे फल, सब्जियों और औषधीय गुणों से भरपूर लघु वनोपजों का सीधा निर्यात विदेशों में हो। इसके लिए उन्होंने स्थानीय उद्यमियों को 'ग्लोबल माइंडसेट' अपनाने और गुणवत्ता से समझौता न करने का आह्वान किया।

विशेषज्ञ मार्गदर्शन का सार:

APEDA रायपुर के एसोसिएट श्री अशोक बोरा ने तकनीकी सत्र में निर्यात की बारिकियों पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने उद्यमियों को समझाया कि विदेशी बाजारों में पैठ बनाने के लिए केवल उत्पाद नहीं, बल्कि 'मानक' बिकते हैं। मार्गदर्शन के मुख्य बिंदु रहे:

गुणवत्ता और पंजीयन: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादों का प्रमाणीकरण।

पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स: लंबी दूरी के परिवहन के दौरान ताजगी और सुरक्षा बनाए रखने की तकनीक।

सरकारी प्रोत्साहन: केंद्र व राज्य की सब्सिडी योजनाओं के जरिए लागत को कम करने के उपाय।

सहभागिता और समावेशी विकास:

इस कार्यशाला की सबसे बड़ी सफलता इसकी व्यापक सहभागिता रही। 63 से अधिक उद्यमियों के साथ-साथ कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) और विशेषकर महिला FPO की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि धमतरी का आर्थिक बदलाव समावेशी होगा। NGO प्रतिनिधियों ने भी इस कड़ी में सेतु की भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

निष्कर्ष एवं संकल्प

​लक्ष्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि एक ऐसा ईकोसिस्टम तैयार करना है जहाँ किसान और उद्यमी बिचौलियों के बजाय सीधे वैश्विक खरीदारों से जुड़ें। "निर्यात बढ़े, आत्मनिर्भर बनें" के ध्येय वाक्य के साथ संपन्न हुआ यह कार्यक्रम धमतरी के इतिहास में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है।

मुख्य हाइलाइट्स (Quick Highlights)

विजन: धमतरी को एशिया का फूड हब बनाना।

आयोजक: DIC धमतरी और APEDA रायपुर का संयुक्त प्रयास।

फोकस: अनाज, फल-सब्जी और लघु वनोपज का निर्यात।

सहभागिता: 63+ उद्यमी, FPO और महिला स्वयं सहायता समूहों की उपस्थिति।

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