धमतरी से नक्सलवाद को सीधी चुनौती: UDOC की हाई-लेवल बैठक में सख्त एक्शन और संवेदनशील पुनर्वास का रोडमैप तैयार
- moolchand sinha

- Dec 21, 2025
- 2 min read

धमतरी।
नक्सल प्रभावित अंचलों में शांति की बहाली अब केवल रणनीति नहीं, बल्कि निर्णायक संकल्प बन चुकी है। धमतरी जिले में नक्सल उन्मूलन, आंतरिक सुरक्षा और जनविश्वास को एक नई मजबूती देने के उद्देश्य से Unified District Operational Command (UDOC) की एक अहम समन्वय बैठक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सूरज सिंह परिहार ने की, जिसमें नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को केंद्र में रखते हुए संयुक्त रणनीति पर विस्तार से मंथन हुआ।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स.), एसडीओपी नगरी, विशेष आसूचना शाखा (SIB), नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्रों के प्रभारी, डीआरजी, CRPF, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
जहाँ समीक्षा हुई, वहीं बनी निर्णायक रणनीति
बैठक में नक्सल प्रभावित जंगलों और दुर्गम इलाकों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई। संदिग्ध नक्सली गतिविधियों, ग्रामीणों पर माओवादी दबाव और हालिया घटनाओं का समग्र विश्लेषण करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि अब कार्रवाई सूचना-आधारित, समन्वित और परिणाममुखी होगी।
सीआरपीएफ, डीआरजी, CAF, जिला पुलिस और SIB के बीच त्वरित सूचना-साझाकरण, संयुक्त सर्च ऑपरेशन और नियमित गश्त के लिए साझा SOP तैयार करने पर सहमति बनी। साथ ही खुफिया तंत्र को और मजबूत करने, स्थानीय मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय करने और सूचनाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बंदूक से आगे की लड़ाई: जनसंवाद और विश्वास
UDOC बैठक में यह भी तय हुआ कि नक्सल प्रभाव को कमजोर करने के लिए केवल सख्त कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी भी समान रूप से जरूरी है। ग्रामीण अंचलों में सामुदायिक पुलिसिंग, स्वास्थ्य शिविर, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन का विश्वास जीतने और नक्सलियों की सामाजिक पकड़ तोड़ने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
SP का दो टूक संदेश
एसपी सूरज सिंह परिहार ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“नक्सल समस्या का समाधान केवल बल प्रयोग से नहीं, बल्कि सटीक खुफिया जानकारी, मजबूत आपसी समन्वय और जनभागीदारी से संभव है। सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच नियमित संवाद और पारदर्शी कार्यप्रणाली से ही निर्णायक सफलता मिलेगी।”
निर्णायक सदेश
धमतरी से आज यह साफ संदेश गया है कि नक्सलवाद के लिए अब न तो ज़मीन सुरक्षित है, न ही समय। सुरक्षा बल जहाँ एक ओर संयुक्त रणनीति और सख्त कार्रवाई से घेरा कस रहे हैं, वहीं भटके युवाओं के लिए सम्मानजनक आत्मसमर्पण और पुनर्वास का मानवीय रास्ता भी पूरी मजबूती से खुला है।
अब यह लड़ाई सिर्फ हथियारों की नहीं, विश्वास, विकास और भविष्य की है—और इस लड़ाई में धमतरी एकजुट है, सजग है और निर्णायक जीत की ओर अग्रसर है।








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