नया रायपुर से उठा सामाजिक स्वाभिमान का स्वर: बैस कुर्मी क्षत्रिय समाज का ऐतिहासिक अधिवेशन, प्रतिभाओं का भव्य सम्मान
- moolchand sinha

- 3 days ago
- 2 min read

नया रायपुर ।
जब मंच पर सामाजिक एकता की मशाल जली, जब मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान तालियों की गड़गड़ाहट में हुआ और जब युवा शक्ति ने शिक्षा, संगठन और स्वाभिमान का संकल्प लिया — तब तुता, नया रायपुर का वातावरण इतिहास रचता नजर आया। बैस कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रांत का वार्षिक अधिवेशन एवं “कुर्मी गौरव सम्मान” कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की नई दिशा, नई ऊर्जा और नए नेतृत्व का उद्घोष बन गया।
आध्यात्मिक शुरुआत और महापुरुषों को नमन
अधिवेशन का आगाज इष्ट देव भगवान विष्णु, छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। वंदे मातरम और समाज गीत के गायन ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक गौरव का संचार किया। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू रहे।
अध्यक्षता बैस कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष छत्रपाल बैस ने की।
विशिष्ट अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में समाज की एकजुटता, शिक्षा में प्रगति और आधुनिक कृषि अपनाने पर विशेष बल दिया।
‘कुर्मी गौरव सम्मान’ से नवचेतना
कार्यक्रम में समाज की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को “कुर्मी गौरव सम्मान” से अलंकृत किया गया।
10वीं, 12वीं, स्नातक एवं स्नातकोत्तर में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
तुता सरपंच भरत बैस द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु आर्थिक सहायता की घोषणा ने युवाओं में नई ऊर्जा भर दी।
नवीन कार्यकारिणी का गठन: रामकृष्ण बैस संभालेंगे कमान
अधिवेशन के दौरान समाज को नई गति देने के लिए प्रदेश स्तरीय एवं ग्राम स्तरीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई:
अध्यक्ष: रामकृष्ण बैस
उपाध्यक्ष: अशोक बैस, नेहा बैस
सचिव: प्रभात बैस
कोषाध्यक्ष: भानुप्रताप बैस
युवा एवं महिला नेतृत्व: भरत बैस (युवा अध्यक्ष) एवं दुर्गा बैस (महिला अध्यक्ष)
संरक्षक मंडल: छत्रपाल बैस, प्रेमलाल बैस और टिकेंद्र बैस।
इसके साथ ही कुरुद, चर्रा, देवरी, सिहाद, कुर्रा, मडेली, धुसेरा, गोढ़ी, तुता, माना और जरौद जैसे विभिन्न ग्रामों के लिए भी अध्यक्ष, सचिव और महिला/युवा प्रभारियों की नियुक्तियां की गईं, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत हो सके।
सांस्कृतिक छटा और सम्मान
बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और रंगोली-चित्रकला प्रतियोगिताओं ने समां बांध दिया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को 'कुर्मी गौरव सम्मान' से नवाजा गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रमेश कौशिक, ज्योतिष कश्यप सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।




Comments