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​धमतरी: वो 30 सेकंड जब कुएं के अंधेरे में समा गई थी 6 जिंदगियां... फिर एक 'फरिश्ते' ने बदल दी मौत की स्क्रिप्ट


मौत को मात: धमतरी में कुएं में समाया ऑटो, सरपंच पति ने जान पर खेलकर बचाई 6 जिंदगियां

कुरूद।

​रविवार की दोपहर धमतरी के बगदेही गांव में जो हुआ, वह किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि मौत और जिंदगी के बीच लड़ी गई चंद पलों की जंग थी। एक तरफ 40 फीट गहरा कुआं था, दूसरी तरफ एक ऑटो में कैद मासूम बच्चे और बुजुर्ग। गलती सिर्फ एक गियर की थी, और सजा मौत हो सकती थी... लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

​यह कहानी उस 'रिवर्स गियर' की है जिसने हंसते-खेलते परिवार को मौत के मुहाने पर धकेल दिया, और उस 'छलांग' की है जिसने उन्हें वापस खींच लिया।

सन्नाटे को चीरती हुई वो चीखें

​चश्मदीदों के मुताबिक, घटना दोपहर के वक्त हुई। मरौद निवासी ऑटो चालक अशोक टंडन अपने वाहन को मोड़ने की कोशिश कर रहे थे। ऑटो में 3 से 4 साल के मासूम बच्चे और बुजुर्ग सवार थे। चालक ने जैसे ही ऑटो को रिवर्स (Reverse) किया, अनुमान गलत साबित हुआ।

​महज कुछ सेकंड के भीतर, ऑटो का पिछला पहिया फिसला और गुरुत्वाकर्षण ने उसे सीधे पीछे मौजूद बिना मुंडेर के कुएं में खींच लिया। "बचाओ... बचाओ..." की आवाजों के साथ पूरा ऑटो पानी के गहरे अंधेरे में गायब हो गया। ऊपर सिर्फ धूल का गुबार और पानी के बुलबुले थे।

​जब 'सरपंच पति' बने देवदूत

​हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गई थीं। लोग कुएं में झांक तो रहे थे, लेकिन कूदने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था। हर गुजरते सेकंड के साथ बच्चों की सांसें फूल रही थीं।

​तभी वहां पहुंचे स्थानीय सरपंच अनसूया बाई के पति, जयंत ध्रुव। उन्होंने न गहराई देखी, न अपनी जान की परवाह की। जयंत ने बिजली की तेजी से कुएं में छलांग लगा दी।

​ग्रामीण बताते हैं, "अगर जयंत भाई ने वो 10 सेकंड सोचने में गंवा दिए होते, तो आज हम लाशें निकाल रहे होते।" पानी के अंदर संघर्ष करते हुए जयंत ने एक-एक करके बच्चों और बुजुर्गों को थाम लिया और उन्हें डूबने से बचाए रखा।

​खाकी और जनता का साझा ऑपरेशन

​सूचना मिलते ही कुरूद पुलिस की टीम सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने रस्सियों और मानव श्रृंखला की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुएं के अंदर से जयंत ध्रुव लोगों को ऊपर धकेलते रहे और ऊपर ग्रामीणों ने उन्हें खींच लिया।

​हैरतअंगेज रूप से, इस खौफनाक मंजर के बाद भी सभी 6 यात्री सुरक्षित हैं। खरोंचों को छोड़ दें, तो मौत उन्हें छूकर निकल गई।

​ऑटो अभी भी 'पाताल' में कैद

​ताजा अपडेट के मुताबिक, सभी यात्रियों को सुरक्षित घर भेज दिया गया है, लेकिन वह ऑटो अभी भी कुएं के तलहटी में फंसा हुआ है। उसे निकालने के लिए क्रेन और रस्सियों का इंतजाम किया जा रहा है।

​बगदेही का यह हादसा सबक है कि ड्राइविंग में एक पल की लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है, लेकिन यह मिसाल भी है उस इंसानियत की, जो जयंत ध्रुव जैसे लोगों में आज भी जिंदा है।

​🔴 Quick Highlights (खबर एक नज़र में)

  • घटनास्थल: ग्राम बगदेही, कुरूद (धमतरी)।

  • वजह: ऑटो रिवर्स करते समय अनियंत्रित होकर कुएं में गिरा।

  • फंसे लोग: 6 लोग (मासूम बच्चों और बुजुर्गों सहित)।

  • हीरो: सरपंच पति जयंत ध्रुव (जिन्होंने कुएं में कूदकर जान बचाई)।

  • नतीजा: 100% सुरक्षित रेस्क्यू, कोई जनहानि नहीं।

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