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'मुर्गा पार्टी' का खूनी न्यू ईयर: किसान को लहूलुहान कर लूट ले गए 20 देशी मुर्गे, पुलिस की 'सरहद' में फंसा न्याय


कुरूद: 

नए साल के जश्न की आड़ में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक वारदात धमतरी के दर्री से सामने आई है। जहां कुछ उपद्रवियों ने अपनी 'कॉकटेल पार्टी' का इंतजाम करने के लिए एक गरीब किसान के आशियाने पर धावा बोल दिया। मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि पुलिसिया तंत्र की उस सुस्ती का है जिसने अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर पहुंचा दिए हैं।

आधी रात को चीख-पुकार: 31st की वो खौफनाक वारदात

​31 दिसंबर की रात, जब घड़ी की सुइयां 12 बजाने की ओर बढ़ रही थीं, दर्री निवासी जागेश्वर देवांगन के पोल्ट्री फॉर्म में मौत जैसा सन्नाटा था। अचानक मुर्गों की फड़फड़ाहट ने सन्नाटे को चीर दिया। तीन नकाबपोश चोर कटर से जाली काटकर फॉर्म के अंदर घुस चुके थे।

​जागेश्वर ने जब उन्हें रोकना चाहा, तो जश्न के नशे में धुत चोरों ने उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग किसान को बेदम पीटा गया और लहूलुहान हालत में छोड़कर चोर 20 कीमती देशी मुर्गे, अंडे, नगद राशि और इलेक्ट्रॉनिक कांटा लेकर रफूचक्कर हो गए।

पुलिस का 'मैप' बनाम पीड़ित का 'दर्द'

​इस घटना ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित का बेटा जब शिकायत लेकर कुरूद थाने पहुंचा, तो पुलिस की संवेदनशीलता की जगह 'सीमा विवाद' ने ले ली।

कुरूद पुलिस का तर्क: "घटनास्थल हमारे दायरे में नहीं, भखारा थाने जाओ।"

हकीकत: पुलिस की इस 'इलाका-नापने' की प्रक्रिया में चोरों को भागने का सुरक्षित रास्ता मिल गया।

35 हजार का नुकसान: किसान की साल भर की कमाई खाक

​जागेश्वर देवांगन के लिए ये महज मुर्गे नहीं थे, बल्कि उनके परिवार का पेट पालने का जरिया थे। चोरों ने करीब ₹35,000 की संपत्ति पर हाथ साफ साफ किया है।

20 देशी मुर्गे: पार्टी के लिए विशेष निशाना।

इलेक्ट्रॉनिक कांटा: व्यापार का मुख्य औजार।

नगद: कमरे में रखे ₹2,500 की मेहनत की कमाई।


​मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरूद थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू ने बताया कि पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना मिली, तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा:

​"पीड़ित जागेश्वर देवांगन का आवेदन पहले ही लिया जा चुका है। उनका मुलाइजा(मेडिकल चेकअप) करवाया गया है और चोट की गंभीरता को देखते हुए एक्सरे सहित अन्य सभी जरूरी प्रोसीजर पूरे कर लिए गए हैं।"

सीमा विवाद पर स्पष्टीकरण

​थाना क्षेत्र को लेकर उठ रहे सवालों पर थाना प्रभारी ने कहा कि घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति के कारण यह जांचना जरूरी था कि क्षेत्र कुरूद में आता है या भखारा में। उन्होंने स्पष्ट किया, "मैंने टीम को यह चेक करने भेजा था कि क्षेत्र हमारे में आता है या भखारा में। अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि पुलिस पीड़ित को गुमराह कर रही है। मामले में पहले ही काम शुरू कर दिया गया है।"

 
 
 

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