रायपुर जिला सहकारी बैंक में 'सिन्हा-कश्यप' युग का आगाज़: 3 लोकसभा और 21 विधानसभा क्षेत्रों के लिए तैयार हुआ ₹9,000 करोड़ का 'समृद्धि रोडमैप'
- moolchand sinha

- Dec 23, 2025
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की सहकारिता राजनीति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 22 दिसंबर 2025 का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। रायपुर संभाग की जीवनरेखा माने जाने वाले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर में नव-नियुक्त अध्यक्ष निरंजन सिन्हा और उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप ने एक भव्य समारोह के बीच पदभार ग्रहण किया। यह केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि संभाग के 21 विधानसभा क्षेत्रों के लाखों किसानों के लिए 'भरोसे की नई शुरुआत' है।
"विश्वास की परीक्षा और सेवा का संकल्प": अध्यक्ष का हुंकार
पदभार ग्रहण करने के पश्चात अपने पहले ही संबोधन में अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने उन पंक्तियों से सभी का दिल जीत लिया उन्होंने कहा:
“जब किसी कार्यकर्ता को संगठन द्वारा कोई बड़ा दायित्व मिलता है, तो वह केवल एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं रह जाती, बल्कि उसे सौंपे गए विश्वास की एक कठिन परीक्षा बन जाती है। आज सहकारिता के क्षेत्र में जो जिम्मेदारी मुझे मिली है, वह मेरे लिए कोई सत्ता का पद नहीं, बल्कि किसानों की सेवा का पवित्र संकल्प है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि 3 लोकसभा क्षेत्रों में फैले बैंक के कार्यक्षेत्र में धान खरीदी, ऋण वितरण और बैंकिंग सेवाओं को 'डिजिटल और पारदर्शी' बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा और आशीर्वाद
समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शासन और संगठन के शीर्ष चेहरों की मौजूदगी रही। विधायक मोतीलाल साहू और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने विशेष रूप से उपस्थित होकर नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। नेताओं ने विश्वास जताया कि सिन्हा और कश्यप की जोड़ी बैंक को प्रदेश के 'नंबर वन' सहकारी बैंक के रूप में स्थापित करेगी। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इसे एक जन-उत्सव का रूप दे दिया।
₹9,000 करोड़ का 'फाइनेंशियल पावरहाउस'
बैंक की मुख्य कार्यपालिका अधिकारी अपेक्षा व्यास ने बैंक की वित्तीय सेहत पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1913 में स्थापित इस गौरवशाली बैंक का डिपॉजिट अब ₹9,000 करोड़ के करीब पहुँच गया है। 73 शाखाओं और 5,000 से अधिक समितियों के माध्यम से यह बैंक रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित कर रहा है।
उपाध्यक्ष का फोकस: किसान-कर्मचारी समन्वय
उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप ने अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाते हुए फील्ड लेवल पर आने वाली समस्याओं के त्वरित निराकरण की बात कही। उन्होंने जोर दिया कि बैंक की मजबूती के पीछे छोटे कर्मचारियों और किसानों का पसीना है, जिनके हितों की रक्षा करना बैंक का प्राथमिक धर्म होगा।
विरासत को नमन

कार्यक्रम की शुरुआत बैंक के मार्गदर्शक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित वामन बलीराम जी लाखे की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। नव-नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे लाखे जी के सहकारिता के सिद्धांतों को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाएंगे।
बैंक का नाम: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर।
नेतृत्व: निरंजन सिन्हा (अध्यक्ष), अभिनेष कश्यप (उपाध्यक्ष)।
दायरा: 5 जिले, 3 लोकसभा, 21 विधानसभा क्षेत्र।
वित्तीय उपलब्धि: ₹9,000 करोड़ का वर्तमान डिपॉजिट।
विजन: पारदर्शी धान खरीदी और त्वरित ऋण भुगतान प्रणाली।








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