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संयुक्त शिक्षक संघ का 'कैलेंडर-2026' जारी; शिक्षकों की 'मेडिकल रिलीफ फंड' केवल पढ़ाते नहीं, जान भी बचाते हैं ये शिक्षक!

कुरूद (धमतरी) | शिक्षक केवल स्कूलों की चारदीवारी के भीतर ज्ञान का प्रकाश ही नहीं फैलाते, बल्कि वे समाज के हर सुख-दुख में एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़े भी होते हैं। इसी सामाजिक प्रतिबद्धता की बानगी तब देखने को मिली, जब संयुक्त शिक्षक संघ ब्लॉक कुरूद ने अपने वार्षिक कैलेंडर-2026 का भव्य विमोचन किया।

​इस कार्यक्रम में न केवल साल भर की गतिविधियों का खाका खींचा गया, बल्कि शिक्षकों द्वारा संचालित 'मेडिकल रिलीफ फंड' जैसी मानवीय पहल ने जनप्रतिनिधियों का दिल जीत लिया।

गरिमामय आयोजन: जब जुटीं प्रमुख हस्तियां

​कुरूद नगर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में समाज सेवा और राजनीति के सशक्त हस्ताक्षर एक मंच पर नजर आए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में वंदेमातरम समिति के अध्यक्ष और समाजसेवी विधायक प्रतिनिधि भानू चंद्राकर तथा कुरूद नगर पालिका की अध्यक्ष ज्योति भानू चंद्राकर उपस्थित रहीं।

​अतिथियों ने कैलेंडर का विधिवत विमोचन करते हुए इसे संगठन की एकजुटता का प्रतीक बताया। भानू चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि "संगठन का यह कैलेंडर केवल तारीखों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों के अनुशासन और उनकी कार्ययोजना का प्रतिबिंब है।" उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इस सफल प्रकाशन के लिए बधाई दी।

'मेडिकल रिलीफ फंड': वह पहल जिसने बटोरी सुर्खियां

​कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा वह रहा, जब चर्चा शिक्षकों के सामाजिक सरोकारों पर हुई। नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानू चंद्राकर ने संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा जनहित में चलाए जा रहे 'मेडिकल रिलीफ फंड' की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

​उन्होंने कहा, "अक्सर हम शिक्षकों को केवल अध्यापन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन कुरूद ब्लॉक के शिक्षकों ने अपने साथियों और जरूरतमंदों के लिए मेडिकल फंड बनाकर जो संबल प्रदान किया है, वह अन्य संगठनों के लिए एक नजीर (मिसाल) है।"

संगठन की शक्ति: कतार में खड़ा नेतृत्व

​इस आयोजन में संगठन की जमीनी पकड़ और शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला। विमोचन के दौरान मंच और उसके आसपास संघ के दिग्गज और युवा तुर्क एक साथ नजर आए।

अगुवाई: संघ का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष हुमन चंद्राकर और कार्यकारी अध्यक्ष मनीष देव वर्मा ने किया।

नारी शक्ति: महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष भावना श्रीवास्तव ने महिला शिक्षिकाओं का प्रतिनिधित्व किया।

मजबूत उपस्थिति: कार्यक्रम में संगठन के आधार स्तंभ माने जाने वाले वरिष्ठ सदस्यों और युवा साथियों की लंबी कतार मौजूद रही। जिनमें प्रमुख रूप से: पुरुषोत्तम निषाद, चैन सिंह साहू, हरीश निर्मलकर, पारस कुमार यादव, मिथलेश कुमार कंवर, महेंद्र सोरी, द्वारिका प्रसाद चंद्राकर, डामेंद्र साहू, सतीश कुमार साहू, टोवेंद्र बैस, ललित कश्यप, पुरुषोत्तम सेन, घनश्याम वर्मा, गोपी लाल चंद्राकर, प्रवींद्र कुमार साहू, ईश्वर साहू, गणपति यादव, द्वारिका देवांगन, कोमल ध्रुव, दुर्गेश द्विवेदी, नीलेश भारद्वाज, सुमन शर्मा, ललिता साहू, मथुरा नरेटी, अर्चना चंद्राकर, मधु दीवान, धनेश्वर साहू, अगेश्वर चंद्राकर और लक्ष्मी नाथ कौर शामिल थे।


संयुक्त शिक्षक संघ ने इस आयोजन के जरिए यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि वे आने वाले वर्ष 2026 में भी न केवल शैक्षिक गुणवत्ता पर ध्यान देंगे, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी पूरी निष्ठा से करेंगे।

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