हुनर से शिखर तक: कुरूद में 'युवा संवाद' ने फूंकी नई जान, कलेक्टर ने थपथपाई युवाओं की पीठ
- moolchand sinha

- Jan 6
- 2 min read
कुरूद (धमतरी) | विशेष समाचार
धमतरी जिले के कुरूद स्थित प्रथम अरोरा शिक्षण केंद्र में एक अभूतपूर्व आयोजन हुआ, जहाँ 'हुनर' और 'अनुभव' का मिलन हुआ। “हुनर से करियर – युवा संवाद” के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि सही कौशल और दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो सफलता की राह आसान हो जाती है।
मुख्य आकर्षण: जब पूर्व छात्र बने पथप्रदर्शक
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी इसके एलुमनाई (भूतपूर्व छात्र) रहे। जो छात्र कभी इसी केंद्र से प्रशिक्षण लेकर निकले थे, वे आज उद्योग जगत के मँझे हुए खिलाड़ी बनकर वापस लौटे। उन्होंने वर्तमान छात्र-छात्राओं के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि:
चुनौतियों का सामना कैसे करें: कार्यस्थल पर आने वाली शुरुआती हिचकिचाहट को कैसे दूर करें।
कौशल की शक्ति: आधुनिक उद्योगों में किन तकनीकों और सॉफ्ट स्किल्स की सबसे ज्यादा मांग है।
सफलता का सूत्र: आत्मनिर्भरता ही वह कुंजी है जो भविष्य के बंद दरवाजे खोल सकती है।
वीआईपी शिरकत और मार्गदर्शन
कार्यक्रम की गरिमा जिला कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा और यूनिसेफ के श्री अभिषेक सिंह की उपस्थिति से और बढ़ गई।
कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा— "यह केंद्र जिले के युवाओं को सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि एक पहचान और रोजगार के अवसर दे रहा है। आप यहाँ से सीखे हुए कौशल का पूरा उपयोग करें और समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।"
श्री अभिषेक सिंह (यूनिसेफ) ने युवाओं को भविष्य की संभावनाओं और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के नए अवसरों से रूबरू कराया।
इस अवसर पर श्री एस. पी. गोस्वामी (पूर्व उद्योग विभाग), देवेंद्र सर (शिक्षा अधिकारी), अब्दुल सर (आरटीओ), और श्री अमित सेन (CEO जनपद पंचायत) जैसे प्रशासनिक अधिकारियों ने भी युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
महिला सशक्तिकरण की नई उड़ान: 'स्कूटी दीदी'
कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव था “स्कूटी दीदी कार्यक्रम” का आगाज। 5 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई, जिसका लक्ष्य क्षेत्र की बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और गतिशील बनाना है।
एक सफल संवाद
यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच साबित हुआ जहाँ 'अनुभव' ने 'उत्साह' का हाथ थामा। प्रथम अरोरा शिक्षण केंद्र ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि हुनरमंद युवा ही उन्नत भारत की पहचान हैं।








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