धमतरी मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता 2026: मैदान में अधिकारियों का पावरप्ले, क्या यह समन्वय है या दिखावा?
- moolchand sinha

- Apr 3
- 2 min read

धमतरी |
सरकारी दफ्तरों की फाइलों में दबे रहने वाले हाथ जब बल्ला थामकर मैदान पर उतरे, तो धमतरी के स्टेडियम में रोमांच का सैलाब आ गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 के पहले ही दिन वह सब कुछ देखने को मिला जो एक ब्लॉकबस्टर फिल्म में होता है—ताबड़तोड़ रन, हैट्रिक और अंतिम क्षणों में बदला हुआ समय।
मैच हाइलाइट्स: जब 'साहब' बने स्कोरर और वन विभाग हुआ 'क्लीन बोल्ड'
मैदान पर दो मुकाबले हुए, जिन्होंने प्रशासन की ताकत और विभागों की कमजोरी दोनों को उजागर कर दिया:
धमतरी मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता के पहले दिन जिला प्रशासन की धमाकेदार जीत
पहले मैच में जिला प्रशासन ने बैंकर्स धमतरी को 36 रनों से करारी शिकस्त दी।
लीडरशिप: कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्वयं बल्लेबाजी कर टीम को 135 रनों के विशाल स्कोर तक पहुँचाया।
धमाका: कैलाश साहू ने मात्र 20 गेंदों में 50 रन जड़कर मैच को एकतरफा बना दिया।
खाकी का दम: एसपी सूरज सिंह परिहार ने 22 रनों की उपयोगी पारी खेली।
जिला पंचायत बनाम वन विभाग: 5 ओवर में खेल खत्म
दूसरे मैच में वन विभाग का प्रदर्शन 'पतझड़' की तरह रहा। पूरी टीम 63 रनों पर सिमट गई।
मैजिक ओवर: जिला पंचायत के धरम सिंह ने एक ही ओवर में हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया।
आसान जीत: जिला पंचायत ने मात्र 5 ओवरों में 65 रन बनाकर वन विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी।
बड़ा सवाल: क्या मैदान वाली 'हैट्रिक' जनसमस्याओं की फाइलों में भी दिखेगी?
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस आयोजन को 'तनाव मुक्ति' और 'टीम भावना' का जरिया बताया है। लेकिन गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या यह ऊर्जा केवल पिच तक सीमित रहेगी?
प्रशासनिक चुस्ती: जिस गति से मैदान पर रन बन रहे हैं, क्या उसी गति से जनता की समस्याओं का निपटारा होगा?
समय में बदलाव: आयोजन समिति ने अचानक सेमीफाइनल और फाइनल का समय बदल दिया है। अब फाइनल 3 अप्रैल को रात 8:30 बजे होगा। यह बदलाव 'मैनेजमेंट' है या दर्शकों को लुभाने का 'शोपीस'?
जनता की पिच पर असली परीक्षा अभी बाकी है
मैदान में चौके-छक्के जरूर गूंजे, लेकिन धमतरी की जनता अभी भी उस 'मैच' का इंतजार कर रही है जहाँ उनकी मूलभूत सुविधाओं की जीत हो। प्रशासन ने 'मैत्री' का संदेश तो दे दिया है, लेकिन असली समन्वय तब माना जाएगा जब विभागों के बीच का यह तालमेल कलेक्टरेट की फाइलों में भी नजर आए।




Comments