कुरूद के अन्नदाताओं की 'सुनहरी होली': ₹158 करोड़ के बोनस से खिले 44,807 किसानों के चेहरे
- moolchand sinha

- 3 days ago
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कुरूद।
छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास में आज का दिन कुरूद के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। 'मोदी की गारंटी' को हकीकत में बदलते हुए राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने कुरूद विधानसभा के 44,807 किसानों के खातों में खुशियों की नई खेप भेजी है। 'कृषक उन्नति योजना' के तहत आयोजित महाकुंभ में 158 करोड़ 30 लाख 55 हजार रुपये की बोनस राशि का एकमुश्त वितरण किया गया, जिसने न केवल किसानों की आर्थिक कमर को मजबूती दी है, बल्कि आगामी होली के त्यौहार को उनके लिए 'सुनहरी' बना दिया है। ✨
मुख्यमंत्री का प्रदेशव्यापी क्लिक, किसानों के खाते हुए मालामाल
राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश स्तर पर एक साथ 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में ₹10,324 करोड़ की राशि अंतरित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। होली जैसे पावन अवसर पर यह सौगात किसानों के लिए दोहरी खुशी लेकर आई।
🌟 सम्मान से बढ़ता स्वाभिमान, समृद्धि की नई उड़ान
मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा:
“आज कुरूद का हर किसान गर्व और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। अन्नदाता की खुशहाली ही प्रदेश की वास्तविक प्रगति का आधार है। यह सम्मान राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम और समर्पण का आदर है, जो उन्हें नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर करेगी।”
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10 अग्रणी कृषकों को ‘अंतर राशि हस्तांतरण प्रमाण पत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान ग्रहण करते समय किसानों के चेहरे पर झलकता स्वाभिमान पूरे समारोह की ऊर्जा बन गया।
ज्योति भानु चंद्राकर ने विश्वास व्यक्त किया
कि “जब किसान सशक्त होगा, तभी गांव सशक्त होगा और तभी प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा।”
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने इस मौके पर कहा:
"यह ₹158 करोड़ केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं है, बल्कि कुरूद के हजारों परिवारों के सपनों और उनके परिश्रम का प्रतिफल है। DBT के माध्यम से सीधे खातों में पैसा जाना सुशासन की सबसे बड़ी जीत है।"समारोह में केवल आर्थिक लाभ ही नहीं, बल्कि ज्ञान का भी आदान-प्रदान हुआ।
प्रगतिशील किसानों ने मंच से अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं:
फसल चक्र परिवर्तन: जुगदेही के भोला राम साहू ने बताया कि कैसे धान के पारंपरिक चक्र से हटकर मक्का की खेती ने उनकी आय में इजाफा किया। 🌽
पशुपालन से लाभ: अटंग के चुड़ामणी साहू और मुरा के दुलारूराम साहू ने उन्नत नस्ल के बकरी पालन और कृत्रिम गर्भाधान की बारीकियों से साथी किसानों को प्रेरित किया।
एक नजर में कुरूद की उपलब्धि
✅ कुल लाभान्वित किसान: 44,807
✅ कुल वितरित राशि: ₹158,30,55,000/-
✅ उद्देश्य: आय वृद्धि, कृषि सशक्तिकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ीकरण
हुई,




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