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“धमतरी कांग्रेस में बड़ा बदलाव: तारिणी नीलम चंद्राकर को मिली जिला अध्यक्ष की सबसे Powerful कमान, कुरूद बना नया Power Center”


कुरूद/धमतरी।

आज़ादी के 75 वर्ष और धमतरी जिले के गठन के 27 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर, कांग्रेस ने वह फैसला लिया है जिसने जिले की राजनीति में नई उथल-पुथल, नई ऊर्जा और नए समीकरण पैदा कर दिए हैं।


और सबसे बड़ी बात—

इतिहास में पहली बार कुरूद विधानसभा क्षेत्र को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

यह मौका अपने आप में एक राजनीतिक संदेश है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


कांग्रेस हाईकमान ने कुरूद की जुझारू, तेजतर्रार और सर्वमान्य नेत्री तारिणी नीलम चंद्राकर को

जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर साफ संकेत दे दिया है कि—

अब धमतरी कांग्रेस की सबसे ताकतवर कमान उन्हीं के हाथों में होगी।



कुरूद से उठा नेतृत्व का तूफान—जिले में नई धड़कन की शुरुआत


तारिणी नीलम चंद्राकर की नियुक्ति सिर्फ एक पद भरना नहीं है,

यह उस राजनीतिक भूचाल की शुरुआत है जिसने कार्यकर्ताओं के मन में एक ही बात बैठा दी है—


“कांग्रेस अब बदलाव को नेतृत्व में बदल रही है।”


उनकी ज़मीन से जुड़ी राजनीति, संगठन पर मजबूत पकड़ और संकट के समय में तुरंत मौजूद रहने की आदत ने उन्हें जिले का सबसे प्रभावी चेहरा बना दिया है।

कुरूद ब्लॉक में उनकी पकड़ और धमतरी में उनकी स्वीकार्यता—दोनों ने मिलकर नया नेतृत्व तैयार किया है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला कांग्रेस की रणनीति का “टर्निंग पॉइंट” साबित हो सकता है।


SIR अभियान की कमान भी—कुरूद बना कांग्रेस का पावर सेंटर


कांग्रेस ने उन्हें महासमुंद संसदीय क्षेत्र के SIR अभियान का कोऑर्डिनेशन प्रभारी भी नियुक्त किया है।


इस फैसले का मतलब बहुत गहरा है—

अब कुरूद सिर्फ विधानसभा नहीं, बल्कि जिला राजनीति का रणनीतिक नियंत्रण केंद्र बन चुका है।


मतदाता सूची सुधार अभियान को कांग्रेस ने बड़ी चुनावी कुंजी माना है।

यह वही मोर्चा है जो नतीजों के गणित को गुपचुप लेकिन निर्णायक रूप से बदल सकता है।


और इसकी कमान सीधे तारिणी नीलम चंद्राकर के हाथों में है।


इससे यह संदेश भी निकला:

कांग्रेस अब कुरूद को अपने भविष्य का नेतृत्व बैटरी हब मान चुकी है।


तारिणी नीलम चंद्राकर — अध्यक्ष से आगे, कांग्रेस की Power Leader


उनके सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं, लेकिन वे तीनों मोर्चे उनके व्यक्तित्व से मेल खाते हैं:


संगठन को पुनर्जीवित करना


कार्यकर्ताओं को एकजुट करके ऊर्जा बढ़ाना


कांग्रेस के लिए नई जमीन तैयार करना



और इन सभी क्षेत्रों में वे पहले से ही अलग पहचान रखती हैं।


कुरूद और धमतरी में पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस की गतिविधियों में जो गति, तेवर और अनुशासन दिखाई दे रहा है—

उसे कार्यकर्ता अब “तारिणी इफेक्ट” के नाम से जोड़ने लगे हैं।


यह नेतृत्व धमतरी कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत


तारिणी नीलम चंद्राकर को मिली यह जिम्मेदारी सिर्फ सम्मान भर नहीं—

यह धमतरी में कांग्रेस की हाई-कमांड का नया जन्म है।


अगले कुछ महीनों में संगठन की हर नब्ज़ पर उनका असर दिखाई देगा।

कुरूद से शुरू हुई यह नेतृत्व लहर अब पूरे जिले की सियासी दिशा तय करेगी।


और अब एक बात स्पष्ट है—


धमतरी में कांग्रेस का भविष्य—तारिणी नीलम चंद्राकर के नेतृत्व की रफ्तार पर चलेगा।

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