विदर्भ की मीरा का कुरुद में भव्य अभिनंदन: माहेश्वरी समाज ने पलक-पावड़े बिछाकर किया स्वागत
- moolchand sinha

- Jan 2
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कुरुद (छत्तीसगढ़) | आध्यात्मिकता की प्रतिमूर्ति और 'विदर्भ की मीरा' के नाम से देश-दुनिया में ख्याति प्राप्त प्रख्यात कथावाचक सुश्री अलका श्रीजी का आज कुरुद की पावन धरा पर आगमन हुआ। उनके आगमन से न केवल माहेश्वरी समाज, बल्कि समूचा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
केला निवास पर उमड़ी श्रद्धा की अविरल धारा
सुश्री अलका श्रीजी का आगमन नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व रमेश कुमार एवं विजय कुमार केला के निवास पर हुआ। जैसे ही उन्होंने गृह प्रवेश किया, उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। माहेश्वरी समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक विधि-विधान से उनका अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजन संध्या: भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु
इस विशेष अवसर पर आयोजित संक्षिप्त सत्संग में अलका श्रीजी ने अपनी सुमधुर आवाज में जब भगवत भजनों की प्रस्तुति दी, तो वहां उपस्थित हर व्यक्ति भाव-विभोर हो उठा। भजनों के माध्यम से उन्होंने भक्ति, समर्पण और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को मंगल आशीर्वाद देते हुए जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
प्रमुख जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य स्वागत समारोह में माहेश्वरी समाज की एकता और श्रद्धा की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
नवलकिशोर केला (अध्यक्ष, माहेश्वरी समाज)
रमेश कुमार केला, रामकिशोर केला, अरुण केला, ओंकार केला, ओंकार राठी, राधेश्याम राठी
सुरेश केला, ओमप्रकाश केला, अशोक केला, विनोद केला, गोविंद सद्दानी, संजय केला
अजय केला, विजय केला, मनोज केला, रोशन केला, दिनेश केला, प्रवीण केला, कमलेश गांधी, सुशील केला
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल पुरुष वर्ग ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में मातृशक्ति (महिलाएं), युवा और नन्हे-मुन्ने बच्चे भी शामिल हुए। सभी ने सुश्री अलका श्रीजी के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना।







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